गेल के यार्ड में आग: 10 करोड़ के नुकसान की आशंका, जांच में जुटी फायर ब्रिगेड; चार लाख के बिजली पोल जले
Varanasi News: करखियांव स्थित गेल यार्ड में लगी भीषण आग पर चार घंटे बाद काबू पाया गया। हादसे में एयर कंप्रेशर मशीन, ट्रांसफार्मर और चार बिजली पोल जल गए। सीएनजी पंप बंद रहा। गेल को करीब 10 करोड़ रुपये नुकसान की आशंका है। आग बुझाने में एग्रो पार्क के उद्यमियों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग किया।
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Varanasi News: पिंडरा क्षेत्र के करखियांव स्थित गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) यार्ड में शुक्रवार रात लगी भीषण आग पर करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। हालांकि आग बुझने के बाद भी शनिवार भोर तक धुआं उठता रहा। आग की चपेट में आकर सीएनजी पंप को प्रेशर देने वाली एयर कंप्रेशर मशीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण पूरे दिन सीएनजी पंप का संचालन बंद रहा।
गेल अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त मशीन को दुरुस्त होने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लग सकता है। प्रारंभिक आकलन में आग से करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद गेल के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
आग की घटना से करखियांव एग्रो पार्क के उद्यमियों में दहशत का माहौल रहा। उद्यमियों का कहना था कि यदि आग सीएनजी सिलिंडरों या गैस पाइपलाइन तक पहुंच जाती तो पूरा औद्योगिक क्षेत्र बड़ी तबाही की चपेट में आ सकता था। कुछ लोगों ने दबी जुबान से सुरक्षा मानकों में लापरवाही को भी घटना की वजह बताया। उनका आरोप है कि ज्वलनशील प्लास्टिक पाइप लंबे समय से एग्रो पार्क परिसर और सीएनजी पंप के आसपास रखे गए थे, जिससे आग तेजी से फैलने का खतरा बना रहा।
उद्यमियों ने बताया कि आग बुझाने में स्थानीय उद्योगों ने भी अहम भूमिका निभाई। फैक्ट्रियों में लगे हाइड्रेंट सिस्टम से दमकल वाहनों को लगातार पानी उपलब्ध कराया गया। यदि समय रहते यह सहयोग नहीं मिलता तो सीएनजी पंप सहित पूरा औद्योगिक परिसर आग की चपेट में आ सकता था।
आग से बिजली विभाग को भी नुकसान हुआ। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चार बिजली पोल जलकर गिर गए, जबकि गेल का एक ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए लाइनमैन श्यामलाल समेत कर्मचारियों की टीम सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य में जुटी रही। एसडीओ गुलाब चंद ने बताया कि केवल बिजली विभाग को ही करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा शुरू कर दी गई है।