फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The festival is Tully head Duswarian

त्योहार सिर पर दुश्वारियां टली नहीं

Tue, 13 Sep 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 13 Sep 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
The festival is Tully head Duswarian
roads
काशी में गणेशोत्सव और लक्खी मेले में शुमार सोरहिया मेला के रूप में उत्सवों/पर्वों की शुरुआत हो चुकी है। सितंबर से पर्यटन सीजन का भी आगाज हो चुका है लेकिन शहर बदहाल है और शहरवासी बेहाल। वजह, सड़क, सीवर और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी दुरुस्त न होना। गड्ढों में तब्दील शहर की सड़कें जानलेवा बन चुकी हैं तो वहीं घाटों पर सिल्ट और गंदगी से खड़े होना भी मुश्किल है। मुहल्लों-कॉलोनियों में गलियों से घरों की चौखट तक गंदगी और सीवर ओवरफ्लो होने से लोग परेशान हैं लेकिन जिम्मेदारों को कोई परवाह नहीं। जबकि, शारदीय नवरात्र के लिए पूजा पंडाल बनने शुरू हो गए हैं। प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना के बाद लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए उमड़ेंगे।
विज्ञापन



पर्यटन के पीक सीजन में काशी में रोजाना तकरीबन एक लाख देसी-विदेशी सैलानी होते हैं लेकिन सड़क, सफाई, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर्यटन कारोबार पर असर डाल सकती है। जलकर, गृहकर देने के बाद भी आम नागरिक गंदगी और दूषित पेयजल से परेशान हैं। बाढ़ हटने के बाद से अब तक जिम्मेदार विभागों की कवायदें कार्ययोजना बनाने तक ही सीमित हैं। जबकि, त्योहारांे की शुरुआत हो चुकी है।
विज्ञापन



गड्ढों में तब्दील हुईं सड़कें राहगीरों, सैलानियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई हैं। बाबतपुर एयरपोर्ट से निकलते ही बदहाल सड़कों से आपका वास्ता होने लगेगा। बाढ़ और बारिश के चलते शहर के किसी भी इलाके की सड़क दुरुस्त नहीं रह गई है। डीएम विजय किरन आनंद सड़कों की मरम्मत का निर्देश दे चुके हैं मगर अब तक इक्का-दुक्का जगहों पर ही काम शुरू हो पाया है। जगह-जगह सड़कों पर सीवर ओवर फ्लो होने से मुसीबतें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



गलियों से गंगा घाटों तक सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। गिनती के घाटों को छोड़कर बाकी घाटों पर सिल्ट पटी है। अस्सी से राजघाट तक कुल 84 घाटों में 12 घाटों के सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। बाकी घाटों को साफ सुथरा रखने के लिए निगम प्रशासन ने निजी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है मगर सफाई कब तक होगी, यह बताने वाला कोई नहीं। शहर में रोजना 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। निगम प्रशासन न तो करसड़ा प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित करवा पा रहा है न ही कूड़ाघरों में लगने वाले छोटे प्लांटों की योजना परवान चढ़ पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed