माटी से मोती उगाने वाले युवाओं से पूर्वांचल के किसानों को मिलेगी प्रेरणा
जागरूक नौजवानों ने नौकरी छोड़कर माटी से मोती पैदा करने की ठान ली है। यह इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर अभियान के सपने को साकार करने वाला है। यह मेरे लिए गौरव की बात है कि मेरे विधानसभा के युवाओं ने इस अभियान को गति दी है। इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर के माध्यम से की। यह बातें मंगलवार को इलाके के नरायनपुर गांव माटी से मोती उगाने वाले युवाओं की खेती देखने के बाद सूबे के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि ऐसे नौजवानों पर है जो भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए आगे आ रहे हैं। इन तीनों युवाओं की कर्मठता व सोच से पूर्वांचल के किसानों को प्रेरणा मिली है। ऐसे नौजवानों पर हमारे देश के प्रधानमंत्री की पैनी निगाहें भी हैं जो देश हित में है।
नरायनपुर गांव आने वाले दिनों में नई दिशा देने का काम करेगा। कैबिनेट मंत्री ने मोती की खेती करने वाले तीनों युवाओं श्वेतांक पाठक, रोहित आंनद पाठक, मोहित पाठक से इसकी जानकारी ली उन्हें उत्साहित किया। इन युवाओं की मधुमक्खी पालन केंद्र का भी अवलोकन किया।
200 लोगों को आत्मनिर्भर बने 1000 को जोड़ने का लक्ष्य
श्वेतांक पाठक ने बताया कि नौकरी की कतार में खड़े होने की बजाय मोती की खेती के जरिए खुद व अन्य युवकों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। पहले वर्ष में 200 लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। दूसरे वर्ष में 1000 लोगों को इस खेती से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्वीट के बाद इस अभियान को गति मिलेगी। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया है।
रोहित आनंद पाठक ने बताया कि गांवों से पलायन रोकने के लिए मोती की खेती, मशरूम, वर्मी कंम्पोस्ट, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन आदि के बारे में लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ऐसी खेती का चयन किया जा रहा जिसमें जमीन कम लगे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक नरायनपुर गांव के युवा मोहित आनंद पाठक ने बताया कि कोराना काल में कारपोरेट जगत की नौकरी छोड़कर ठान लिया कि अब स्वरोजगार से लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। हम लोगों ने मिटृटी से मोती उगाने का काम करने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री की सराहना से अब हम युवाओं का हौंसला बढ़ा है।