हाथ बांधकर किसान को फंदे से लटकाया, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के डुबकियां गांव के किसान हरिलाल प्रजापति (55) का शव सोमवार सुबह घर के सामने नीम के पेड़ की डाली से फंदे के सहारे लटका मिला। परिजनों के अनुसार, हरिलाल के हाथ बंधे हुए थे। किसान के घर में किराये पर रहने वाले प्राइवेट डॉक्टर शिशुपाल गौतम के खिलाफ चौबेपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। वारदात की वजह जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
हरिलाल के बेटे हरिशंकर उर्फ लकी के अनुसार, पापा को बिस्तर पर न पाकर सुबह करीब चार बजे उनकी मां विद्या देवी ने शोर मचाया। इससे भाई रतन और बहन गीता भी जाग गईं और सभी ने उनकी खोजबीन शुरू की। थोड़ी देर बाद बहन की नजर पेड़ पर गई तो उसकी चीख निकल गई। आननफानन उन्हें दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
हरिशंकर ने बताया कि उसके घर में मिर्जापुर के कैलहट क्षेत्र का डॉ. शिशुपाल गौतम किराये पर कमरा लेकर रहता है और क्लीनिक चलाता है। उसने पांच साल से प्रतिमाह दो हजार रुपये की दर से किराया नहीं दिया है और जबरन कब्जा कर रखा है। वह डुबकियां बाजार स्थित उसकी चार बिस्वा जमीन पर भी कब्जा करना चाहता है। शिशुपाल ने धमकी दी थी कि जमीन पर कब्जा नहीं मिला तो हत्या करा देंगे।
हरिशंकर के अनुसार, उसके पिता की हत्या शिशुपाल ने ही कराई है। इस संबंध में एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी शिशुपाल से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन पहले दरोगा ने कराया था समझौता
हरिशंकर के अनुसार, उसके पिता और शिशुपाल के बीच जमीन विवाद को लेकर रविवार को चौबेपुर थाने में पंचायत हुई थी। दरोगा सोमन कुमार ने जबरन समझौता कराकर पापा को घर भेज दिया था। पापा और ग्रामीण पक्ष रखना चाह रहे थे, लेकिन दरोगा ने हम लोगों की एक न सुनी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि दरोगा की भूमिका की जांच की जा रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। चिकित्सा विभाग की मदद से शिशुपाल की डिग्रियों की भी जांच कराई जाएगी।
हंसी-खुशी वाले घर में मातम
परिजनों ने बताया कि हरिलाल चार बेटों और तीन बेटियों के पिता थे। छोटे बेटे हरिशंकर का विवाह बीती 26 फरवरी को हुआ था। इस वजह से घर में हंसी-खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों की आवाजाही लगी हुई थी। हरिलाल की मौत से घर में मातम पसर गया है। उनकी पत्नी और बेटियों की हालत बेसुधों जैसी थी। बेटों को बड़ी ही मुश्किल से ग्रामीण संभाले हुए थे।