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नियमों को धता बता हो रही थी परीक्षा, नोटिस जारी
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प्रदेश सरकार के रोक के बाद भी जिले के निजी विद्यालयों द्वारा परीक्षा कराने का मामला सोमवार को सामने आया है। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को बीएसए राकेश सिंह जब औचक निरीक्षण में बरेका व मढ़ौली स्थित सेंट जांस स्कूल पहुंचे तो वहां सरकारी आदेशों के खिलाफ जाकर बच्चों की परीक्षाएं कराई जा रही थी।
बीएसए के पहुंचने के बाद विद्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद विद्यालय में हो रही परीक्षा को रुकवा दिया गया। सरकारी आदेश जारी होने के बाद भी परीक्षा संचालित करने को लेकर बीएसए ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी के सामने स्पष्टीकरण में जवाब संतोषजनक न होने पर विद्यालय के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होने की कार्रवाई की भी जाएगी।
मान्यता भी हो सकती है समाप्त
बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि सरकार ने कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की लिखित व मौखिक परीक्षा पर रोक लगाई है। इसके बाद भी निजी विद्यालय परीक्षा कराते हैं तो ये नियमों की अवहेलना के तहत आता है। ऐसे में सरकारी आदेशों के विरुद्ध जाकर परीक्षाएं कराने को लेकर विद्यालय की मान्यता भी समाप्त की हो सकती है।
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बीएसए के पहुंचने के बाद विद्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद विद्यालय में हो रही परीक्षा को रुकवा दिया गया। सरकारी आदेश जारी होने के बाद भी परीक्षा संचालित करने को लेकर बीएसए ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी के सामने स्पष्टीकरण में जवाब संतोषजनक न होने पर विद्यालय के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होने की कार्रवाई की भी जाएगी।
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मान्यता भी हो सकती है समाप्त
बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि सरकार ने कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की लिखित व मौखिक परीक्षा पर रोक लगाई है। इसके बाद भी निजी विद्यालय परीक्षा कराते हैं तो ये नियमों की अवहेलना के तहत आता है। ऐसे में सरकारी आदेशों के विरुद्ध जाकर परीक्षाएं कराने को लेकर विद्यालय की मान्यता भी समाप्त की हो सकती है।
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