फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chhoti Upadhyay murder case Rishabh committed crime due to entry of another girl in Varanasi

UP: दूसरी युवती की एंट्री ने ऋषभ को बनाया छोटी का कातिल, नौ जून को गला दबाकर मारा था; सूटकेस में मिला था शव

Thu, 13 Aug 2026 03:54 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 13 Aug 2026 03:54 PM IST
सार

छोटी उपाध्याय हत्याकांड को ऋषभ ने दूसरी युवती की एंट्री के बाद अंजाम दिया। वह अप्रैल माह से हत्या की योजना बना रहा था। नौ जून को गला दबाकर मारा था। इसके बाद शव को सूटकेस में छिपाकर वाराणसी लाया था। यहां तीन अगस्त को मकान मालिक ने दरवाजा खुलवाया तो सूटकेस से छोटी का शव मिला।

विज्ञापन
Chhoti Upadhyay murder case Rishabh committed crime due to entry of another girl in Varanasi
पत्नी छोटी उपाध्याय के साथ आरोपी ऋषभ कुमार सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: दादर नगर हवेली में पत्नी छोटी उपाध्याय (20) की हत्या कर शव सूटकेस में छिपाने के आरोपी ऋषभ कुमार सिंह के मोबाइल से सिलवासा पुलिस को कई अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। कर्ज, सामाजिक दबाव झेलने के साथ ही वाराणसी की एक युवती के संपर्क में आने के बाद से ऋषभ ने छोटी से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। 

विज्ञापन


अप्रैल में ही छोटी को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी। हत्या के इरादे से ही उसे मई में दादर नगर हवेली में किराये के मकान में कमरा लेकर रहने लगा था। 10 दिन बाद ही 9 जून को गला दबाकर छोटी की हत्या की और फिर शव को प्लास्टिक में पैक कर सूटकेस में बंद कर वाराणसी भाग आया था। लगभग दो महीने बाद तीन अगस्त को मकान मालिक ने दरवाजा खुलवाया तो सूटकेस से छोटी का शव मिला।
विज्ञापन


सिलवासा पुलिस और एसटीएफ वाराणसी इकाई की छानबीन में सामने आया था कि बिहार नेवादा रोह थाना क्षेत्र के सिउर गांव निवासी छोटी उपाध्याय और ऋषभ कुमार सिंह दो साल से परिवार से अलग थे। ऋषभ के परिजनों ने तो उससे नाता तोड़ लिया था और बेटा मानने से इन्कार कर दिया था। इस लिहाज से वह दो साल से घर नहीं गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, छोटी उपाध्याय अपनी शादी के एक साल बाद ही पहले पति को छोड़कर गांव के ही प्रेमी ऋषभ कुमार सिंह के साथ भाग गई थी। तब से उसके भी घर के दरवाजे बंद हो गए। परिजनों ने अपनाने से इंन्कार कर दिया। इधर, वह ऋषभ पर लगातार गांव जाने के लिए दबाव बना रही थी। ऋषभ के पास कोई चारा नहीं था। वह आर्थिक रूप से बहुत टूट चुका था। 

मंडुवाडीह थाना क्षेत्र की एक युवती के संपर्क में भी वह इन दिनों आ गया था। ऋषभ ने अपने एक परिचित से 20 हजार रुपये कर्ज भी लिया था। पैसा लेकर दादरा नगर हवेली चला गया। मई के अंतिम सप्ताह में दो महीने का एडवांस मकान मालिक को दिया था। उसकी योजना थी कि किराये के मकान में छोटी की हत्या कर वह आराम से भाग निकलेगा। चूंकि छोटी के परिवार वाले भी उसकी तलाश अब नहीं कर रहे थे। खोजबीन नहीं होने के कारण वह बच सकता है। 

चांदपुर स्थित फैक्ट्री में वह नाम बदलकर मजदूरी कर रहा था। हालांकि मकान मालिक से मिले दोनों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर के जरिये सिलवासा पुलिस ने ऋषभ को खोज निकाला। महेशपुर में किराये के मकान में वह रहता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed