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आजमगढ़ः क्रिसमस से पहले गर्माया चर्च के फादर का विवाद, हंगामा होने पर पहुंची पुलिस
Tue, 24 Dec 2019 09:01 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Tue, 24 Dec 2019 09:01 PM IST
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Happy Christmas
- फोटो : Amar Ujala
क्रिसमस से पहले मंगलवार को जिले में चर्च के फादर का विवाद गहरा गया। लोगों को प्रार्थना पढ़ाने के लिए दो लोग अपने को फादर बताते हुए आमने-सामने हो गए। हंगामा होने की सूचना मिलने पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस मामला शांत कराते हुए चेतावनी दी है कि जो भी अधिकृत फादर होगा। वही बुधवार को चर्च में प्रार्थना कराएगा।
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चर्च के फादर पद पर दावा करने वाले प्रवीण सोंस ने बताया कि आजमगढ़ का यह चर्च सीएनआई के अधीन है। इसके चलते वह यहां करीब 18न साल तक लगातार तैनात रहे। इसीबीच मैट्रोडिस्ट संस्था के लोग साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट में अपील किया। कोर्ट ने सीएनआई संस्था का दावा खारिज कर दिया। हालांकि 2017 में कोर्ट ने पुराने दावों को खारिज कर दिया।
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ऐसे में यह चर्च पुन: सीएनआई के अधीन हो गया। तभी से वह लगातार चर्च की देखरेख कर रहे थे। प्रवीण सोंस के मुताबिक 19 मई को चर्च की सफाई के बहाने उससे चाबी लेकर मैट्रोडिस्ट संस्था के लोग कब्जा कर लिया। उन लोगों ने रेवरेंट बिलियम प्रसाद को नया फादर नियुक्त कर दिया। ऐसे में वह लोग अब चर्च पर दावा कर रहे हैं। इस दौरान दोनों पक्ष एक दूसरे पर चर्च की जमीन और रुपयों के गोलमाल करने का भी आरोप लगाया। मंगलवार को चर्च के बाहर प्रवीण सोंस और रेवरेंट विलियम प्रसाद के समर्थक आपस में भिड़ गए।
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दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। हंगामा होने की सूचना मिलने पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने दोनों पक्षों को चेतावनी दी है कि जिस पक्ष के पास अधिकृत पत्र होगा। वही बुधवार को चर्च में प्रार्थना कराएगा। शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि अधिकृत फादर ही चर्च में प्रार्थना कराएंगे। बगैर कागजात वाले फादर को प्रार्थना न कराने की चेतावनी दी गई है।