गंगा घाटों की डिजाइन से नहीं होगी कोई छेड़छाड़
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नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में उमा भारती ने कहा कि दो साल के अंदर गंगा में गिर रहे सभी नालों को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि काशी के गंगा घाटों का कायाकल्प होगा मगर उसके मूल स्वरूप अथवा डिजाइन से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। बताया कि शवदाह गृह में बिजली और लकड़ी दोनों से ही शवदाह की व्यवस्था होगी। उसकी डिजाइन कुछ इस तरह से बनाई गई है कि कम से कम लकड़ी में ही शव पूरी तरह जल जाएं।
उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत होने वाले कार्यों की डीपीआर तैयार है। इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और हाईकोर्ट को भी भेजा जाएगा। दोनों की संतुष्टि के बाद घाटों की मरम्मत और शवदाह गृह के निर्माण का काम शुरू होगा। उमा भारती ने रमना में बनने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला रखने के साथ ही कहा कि रमना का शोधित जल रेलवे खरीदेगा। इसके लिए रेलवे से करार पहले ही हो चुका है।
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा, प्रदेश के नगर विकास सचिव एसपी सिंह, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के डायरेक्टर एचएच मिश्र, महापौर रामगोपाल मोहले, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, ज्योत्सना श्रीवास्तव, रवींद्र जायसवाल, लक्ष्मण आचार्य समेत जल संसाधन एवं पर्यटन मंत्रालय के कई आला अधिकारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नदी विकास से जुड़े वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया। प्रारंभ में नृत्य नाटिका ‘गंगा अवतरण’ की भावपूर्ण प्रस्तुति के जरिए गंगा की महत्ता बताई गई।