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टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट के मूलमंत्र पर नहीं हो सका अमल
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वाराणसी। कोरोना से बचाव और मरीजों के उपचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र पर पहले दिन ही अमल नहीं हो सका। पंचायत चुनाव की वजह से कर्मचारियों की कमी कोरोना महामारी से बचाव की रणनीति में बाधक बन गया। यही वजह है कि सोमवार को कई केंद्रों पर जांच ठप रही। पीएम ने रविवार को जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट का मंत्र दिया था। उन्होंने अधिक से अधिक कांटेक्ट ट्रेसिंग, जांच, टीकाकरण के लिए भी रणनीति बनाने की बात कही थी। पीएम के मंत्र देने के अगले दिन व्यवस्था धड़ाम हो गई। पहले जहां एक दिन में 6 से 7 हजार लोगों की जांच की जा रही थी। वहीं, सोमवार को यह संख्या घटकर 5300 तक आ गई। किसी तरह एंटीजन किट से तो जांच हो रही है, लेकिन आरटीपीसीआर जांच के लिए लोगों को मुश्किल हो रही है।
स्वास्थ्य केंद्र पर ताला, लौटे लोग
काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी में जाने की वजह से जांच ठप रही। सोमवार सुबह काशी विद्यापीठ केंद्र पर जांच कराने पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। एक कर्मचारी ने चुनाव ड्यूटी की वजह से जांच न होने की बात कही। इसके बाद गेट पर ताला बंद कर दिया गया। मंडुआडीह, लोहता, लहरतारा, महमूरगंज आदि जगहों से पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में भी जांच प्रभावित रही।
नहीं हो पा रही कांटेक्ट ट्रेसिंग
पिछले साल स्वास्थ्य विभाग पुलिस की मदद से कांटेक्ट ट्रेसिंग करता था। वहीं, इस साल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से कांटेक्ट ट्रेसिंग भी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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रिपोर्ट के लिए भी लंबा इंतजार
जो लोग पहले से जांच करा चुके हैं, उन्हें भी समय से रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। लोग अस्पताल के साथ ही पोर्टल पर भी जानकारी ले रहे हैं, लेकिन हाथ खाली हैं। बड़ी पियरी निवासी 30 वर्षीय युवक ने मंडलीय अस्पताल में 14 अप्रैल को ही आरटीपीसीआर जांच कराई थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। मंडुआडीह निवासी 42 वर्षीय युवक को भी आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। रोजाना लोग कंट्रोल रूम में फोन कर जानकारी ले रहे हैं।
संक्रमण पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को अधिक से अधिक लोगों की जांच ,टीकाकरण, कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए निर्देशित किया गया है। लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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स्वास्थ्य केंद्र पर ताला, लौटे लोग
काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी में जाने की वजह से जांच ठप रही। सोमवार सुबह काशी विद्यापीठ केंद्र पर जांच कराने पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। एक कर्मचारी ने चुनाव ड्यूटी की वजह से जांच न होने की बात कही। इसके बाद गेट पर ताला बंद कर दिया गया। मंडुआडीह, लोहता, लहरतारा, महमूरगंज आदि जगहों से पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में भी जांच प्रभावित रही।
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नहीं हो पा रही कांटेक्ट ट्रेसिंग
पिछले साल स्वास्थ्य विभाग पुलिस की मदद से कांटेक्ट ट्रेसिंग करता था। वहीं, इस साल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से कांटेक्ट ट्रेसिंग भी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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रिपोर्ट के लिए भी लंबा इंतजार
जो लोग पहले से जांच करा चुके हैं, उन्हें भी समय से रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। लोग अस्पताल के साथ ही पोर्टल पर भी जानकारी ले रहे हैं, लेकिन हाथ खाली हैं। बड़ी पियरी निवासी 30 वर्षीय युवक ने मंडलीय अस्पताल में 14 अप्रैल को ही आरटीपीसीआर जांच कराई थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। मंडुआडीह निवासी 42 वर्षीय युवक को भी आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। रोजाना लोग कंट्रोल रूम में फोन कर जानकारी ले रहे हैं।
संक्रमण पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को अधिक से अधिक लोगों की जांच ,टीकाकरण, कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए निर्देशित किया गया है। लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी