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धौरहरा परिवार पर साख बचाने की चुनौती

Sun, 10 Apr 2022 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 12:54 AM IST
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The challenge of saving credibility on the Dhaurahra family
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र (एमएलसी चुनाव) वाराणसी में चुनावी घमासान के बीच भाजपा के सुदामा पटेल और निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह उर्फ पूनम सिंह में सीधा मुकाबला हुआ है। ऐसे में धौरहरा परिवार पर भी इस चुनाव में साख बचाने की चुनौती है। फिलहाल सपा के उमेश यादव अपनी जमीन ही तलाशते रहे। कुल मिलाकर 12 अप्रैल को मतगणना के बाद जीत के सेहरा वाराणसी में सियासत की नई कहानी बयां करेगा।
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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एमएलसी चुनाव का परिणाम कई मायनों में खास है। कारण, एक दशक के बाद भाजपा ने यहां प्रत्याशी उतारा है। वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन में चुनाव की घोषणा के बाद से ही कयासों का दौर शुरू हो गया था। भाजपा ने अचानक डॉ. सुदामा पटेल को प्रत्याशी के रुप में उतारकर अपने इरादे तो जाहिर किए। मगर, सेंट्रल जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह ने भाजपा की चुनौती को स्वीकार करते हुए अपना पर्चा वापस लेकर पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह को मुकाबले में खड़ा किया। तीनों प्रत्याशियों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया और एक एक वोट के लिए लंबी जद्दोजहद भी की। हालांकि चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों पर जेल में बंद बृजेश सिंह के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाया था और अंत तक वे पार्टी पदाधिकारियों की गतिविधियों से संतुष्ट नहीं हुए। बता दें कि 24 वर्ष से बनारस की इस सीट पर केंद्रीय जेल में बंद बृजेश सिंह या उनके परिवार का ही कब्जा रहा है। निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह एमएलसी सीट पर 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर ही है। इसके बाद 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट से इस सीट पर एमएलसी बनी। इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। मतदान के दौरान अन्नपूर्णा सिंह, भाजपा प्रत्याशी सुदामा पटेल और सपा प्रत्याशी उमेश कुमार यादव ने जीत का दावा किया है।
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लोगों ने दलगत भावनाओं से उठकर मत का प्रयोग मेरे समर्थन में किया है। मेरी जीत निश्चित है। -अन्नपूर्णा सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी
मेरी जीत निश्चित है। यह चुनाव मैंने अपने दम पर लड़ा है और मैं जीत कर यह सीट पार्टी को दूंगा- सुदामा पटेल, भाजपा प्रत्याशी
मेरी जीत तय है और एमएलसी चुनाव में मतदाताओं ने धनबल-बाहुबल को खारिज किया है। -उमेश यादव, सपा प्रत्याशी
मतदान के आंकड़े एक नजर में
भदोही- 98.67
वाराणसी- 97.97
चंदौली- 99.01
सेवापुरी और रामनगर में 100 फीसदी मतदान
एमएलसी चुनाव में सेवापुरी और रामनगर के मतदाताओं ने शत प्रतिशत मतदान किया। इसके अलावा बड़ागांव में 95.96, पिंडरा में 99.59, चोलापुर में 99.52, चिरईंगांव 98.41, हरहुआ 98.28, आराजी लाइन 97.74, काशी विद्यापीठ में 95.11, जिला परिषद में 90.91 और नगर निगम में 97.87 फीसदी मतदान हुआ।
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