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प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करें डॉक्टर
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:43 AM IST
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बाढ़
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केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने गंगा, वरुणा और गोमती नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कहा कि डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगाई जाएं। चिकित्सक बाढ़ग्रस्त इलाकों में कैंप करें। दवा-उपचार के साथ ही लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति सजग करें।
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बाढ़ के हालात की समीक्षा कर रहे थे। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को निर्देशित किया कि बाढ़ समाप्त मानकर चिकित्सकीय कार्य में कोई ढिलाई न बरती जाए। ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव और क्लोरीन टैबलेट का पर्याप्त वितरण कराया जाए। प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत स्वीकृत बेला-पिपरी-धौरहरा मार्ग का निर्माण डीएम अपनी देखरेख में कराएं। कहा कि इस मार्ग के बन जाने से भविष्य में बाढ़ के दौरान सैकड़ों गांवों का संपर्क नहीं कटेगा।
बाढ़ के दौरान वाराणसी जनपद में किए गए राहत कार्यों की उन्होंने सराहना की। कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में वाराणसी जिले से कोई शिकायत नहीं मिली है। पशुओं के लिए भूसा एवं चारा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की ताकीद की। डीएम विजय किरन आनंद ने मंत्री को बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पशुओं के लिये भूसा की व्यवस्था कराई गई है। ढाब के पिपरी, गोबरहा, मोकलपुर गांव के चारों ओर से जलमग्न होने तथा सड़क से संपर्क कटने के कारण इन गांवों में अब तक भूसा नही पहुंच सका है।
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अब तक 5000 कुंतल भूसा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किया जा चुका है। बताया कि बाढ़ राहत की धनराशि से इस बार वायरलेस सेट, ट्यूब, लाइफ जैकेट सहित बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी उपकरण खरीदने की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा कि चोलापुर विकास खंड के भगवानपुर खुर्द, गौरा उपरवार में मौनी बाबा कुटी के पास तथा ढाका स्थित गौरीशंकर महादेव मंदिर के पास गंगा का कटान हो रहा है। कटान रोकने के लिए उन्होंने डीएम से 60 मीटर दीवार का निर्माण कराने को कहा।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बाढ़ के हालात की समीक्षा कर रहे थे। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को निर्देशित किया कि बाढ़ समाप्त मानकर चिकित्सकीय कार्य में कोई ढिलाई न बरती जाए। ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव और क्लोरीन टैबलेट का पर्याप्त वितरण कराया जाए। प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत स्वीकृत बेला-पिपरी-धौरहरा मार्ग का निर्माण डीएम अपनी देखरेख में कराएं। कहा कि इस मार्ग के बन जाने से भविष्य में बाढ़ के दौरान सैकड़ों गांवों का संपर्क नहीं कटेगा।
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बाढ़ के दौरान वाराणसी जनपद में किए गए राहत कार्यों की उन्होंने सराहना की। कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में वाराणसी जिले से कोई शिकायत नहीं मिली है। पशुओं के लिए भूसा एवं चारा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की ताकीद की। डीएम विजय किरन आनंद ने मंत्री को बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पशुओं के लिये भूसा की व्यवस्था कराई गई है। ढाब के पिपरी, गोबरहा, मोकलपुर गांव के चारों ओर से जलमग्न होने तथा सड़क से संपर्क कटने के कारण इन गांवों में अब तक भूसा नही पहुंच सका है।
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अब तक 5000 कुंतल भूसा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किया जा चुका है। बताया कि बाढ़ राहत की धनराशि से इस बार वायरलेस सेट, ट्यूब, लाइफ जैकेट सहित बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी उपकरण खरीदने की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा कि चोलापुर विकास खंड के भगवानपुर खुर्द, गौरा उपरवार में मौनी बाबा कुटी के पास तथा ढाका स्थित गौरीशंकर महादेव मंदिर के पास गंगा का कटान हो रहा है। कटान रोकने के लिए उन्होंने डीएम से 60 मीटर दीवार का निर्माण कराने को कहा।