UP News: अंग्रेजों के जमाने की ‘रामखेलावन पंप चालू करो’ की व्यवस्था होगी खत्म, अब पानी की होगी ऑनलाइन निगरानी
Varanasi News: वाराणसी के प्रमुख इलाकों में जलापूर्ति की व्यवस्था को और ठीक करने के लिए ऑपरेटरों की नियुक्ति की जाएगी। जलकल को स्मार्ट मॉनीटरिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
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अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही ‘रामखेलावन पंप चालू करो’ की व्यवस्था खत्म होगी। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में अब बदलाव किया जा रहा है। आने वाले दिनों में गंगा से जल लेने, भेलूपुर स्थित प्लांट में पानी को ट्रीट कर पीने योग्य बनाने, फिर पानी को सभी टंकियों में भरने और घरों तक समय से पानी पहुंच जाए। इस काम में ऑपरेटरों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जलकल को स्मार्ट माॅनीटरिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर या फिर नए साल से यह व्यवस्था पूरे शहर में लागू हो जाएगी। पेयजल व्यवस्था की सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम से स्मार्ट मॉनिटरिंग की जाएगी। पानी की टंकी भरी या नहीं भरी, पानी की आपूर्ति हुई या नहीं हुई। इसके अलावा गंगा से पानी लिफ्ट किया गया या नहीं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का ट्रीटमेंट हुआ या नहीं हुआ। इन सबके बारे में जलकल परिसर में बन रहे माॅनीटरिंग सिस्टम से पता चल जाएगा।
यहां बैठे-बैठे ऑपरेटर तत्काल समस्या समाधान करेंगे। इसके लिए सभी पानी की टंकियों पर कैमरे, चिप और सेंसर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा कंप्यूटर की एक कमांड पर पेयजल वितरण प्रणाली काम करेगी। हर घर में पानी की ऑनलाइन निगरानी होगी। इसके माध्यम से घर आने वाले पानी की मात्रा, खपत, प्रेशर और पेयजल समस्या की जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी। पेयजल समस्या का भी शीघ्र समाधान किया जा सकेगा।
ये है पुरानी (रामखेलावन पंप चालू करो) व्यवस्था
पहले पानी लिफ्ट करने वाले, पानी ट्रीट करने वाले, पानी की टंकियों, ट्यूबवेल आदि पर ऑपरेटर रखे जाते थे। सुबह 5 से 10 और शाम 4 से 8 बजे के बीच जलापूर्ति के लिए ये ऑपरेटर स्विच ऑन करते थे। कई बार जब ऑपरेटर नहीं पहुंचते थे तो कई मोहल्लों में जलापूर्ति प्रभावित होती थी। इसे देखते हुए ऑपरेटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इनमें टाइमर होगा। जो उसी टाइम पर जलापूर्ति शुरू करेगा और निर्धारित समय पर बंद कर देगा।
क्लोरीन और पीएच लेवल की ऑटोमेटिक जांच
स्काडा सिस्टम के तहत पानी में क्लोरीन व पीएच लेवल की ऑटोमेटिक जांच हो सकेगी। पानी ट्यूबवेल से कितने प्रेशर में सप्लाई दे रहा है और आखिरी टेल तक कितना प्रेशर है, इसका भी पता चलेगा। पेयजल सप्लाई मानकों के अनुरूप हो सकेगी।
बोले अधिकारी
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए जलकल परिसर में माॅनीटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। पानी की टंकियों में चिप, सेंटर और कैमरे लगाए गए हैं। जल्द ही यह व्यवस्था शुरू होगी। - अनूप सिंह, महाप्रबंधक जलकल, नगर निगम