पं. आशुतोष भट्टाचार्य आशु बाबू स्मृति में ध्रुपद तीर्थ तुलसी घाट पर मंगलवार को संगीत संध्या विदुषी आरती अंकलेकर के नाम रही। उन्होंने गायन से सभी को मुरीद बना लिया। डॉ. रंजना उपाध्याय की टीम ने गंगा तट पर होरी, चैती व दादरा से चैत्र मास पूर्ण एहसास कराया। मुख्य अतिथि संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र व विशिष्ट अतिथि पं. पूरण महाराज व आशु बाबू के सुपुत्र देवाशीष भट्टाचार्य ने शुभारंभ किया। प्रो. विश्वंभर नाथ ने आशु बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। बीएचयू मंचकला संकाय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजना उपाध्याय व उनकी शिष्याओं ने कथक की मोहक प्रस्तुति की। शिव स्तुति के बाद पारंपरिक कथक पेश किया। तृतीय प्रस्तुति में ख्यात तबला वादक यशवंत वैष्णव का स्वतंत्र तबला वादन हुआ। उन्होंने तीनताल में निबद्ध लयकारियों के साथ कायदा, टुकड़ा आदि की भावपूर्ण प्रस्तुति रही। संयोजन मणिशंकर त्रिपाठी एवं संचालन डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया। इस मौके पर डॉ. रामशंकर, डॉॅ. वेणु वनीता, डॉ. शिवानी आचार्य, प्रो. अनूप मिश्र, पं. बद्री नारायण आदि रहे।

प्रथम प्रस्तुति कथक नृत्य डॉ रंजना उपाध्याय । संवाद

प्रथम प्रस्तुति कथक नृत्य डॉ रंजना उपाध्याय । संवाद