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ऑरेंज जोन में बनारस: प्रतिबंध का नहीं दिखा असर, खूब फूटे पटाखे, हवा में बढ़ी प्रदूषक तत्वों की मात्रा
Fri, 05 Nov 2021 01:52 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 05 Nov 2021 01:52 PM IST
सार
पिछले दो साल के मुकाबले पटाखों का शोर काफी कम रहा। अधिकांश लोगों ने तेज आवाज की बजाय रोशनी वाले पटाखों पर जोर दिया।
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वाराणसी में रात भर होती रही आतिशबाजी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटाखों पर प्रतिबंध का असर दीपावली पर वाराणसी में कहीं भी देखने को नहीं मिला। पटाखों पर प्रतिबंध के बाद शहरी इलाके में शाम होते ही आतिशबाजी शुरू हो गई, हालांकि पिछले साल के मुकाबले में आतिशबाजी का शोर व धुएं की तीव्रता में कमी रही। गुरुवार देर शाम तक बनारस के कई इलाके येलो जोन से ऑरेंज जोन में पहुंच चुके थे।
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शहर के चेतगंज, लहुराबीर, गोदौलिया, मलदहिया और जगतगंज के इलाके में सुबह से ही धूम धड़ाका शुरू हो गया था। हालांकि पिछले दो साल के मुकाबले पटाखों का शोर काफी कम रहा। अधिकांश लोगों ने तेज आवाज की बजाय रोशनी वाले पटाखों पर जोर दिया।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (क्यूआई) में बढ़ोतरी शुरू हो गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुबह 194 दर्ज किया गया और शाम को वायु गुणवत्ता सूचकांक दो सौ के पार पहुंच गया। बुधवार को येलो जोन में आने के बाद दूसरे दिन ऑरेंज जोन में तब्दील हो गया। सबसे अधिक प्रदूषित इलाका मलदहिया रहा।
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दो साल पहले बनारस का था सबसे खराब एक्यूआई
मलदहिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 227, अर्दली बाजार का एक्यूआई 204, भेलूपुर का 179 और बीएचयू का 166 दर्ज किया गया। शाम को पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 333 और न्यूनतम मात्रा 126 रही। हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 57 और न्यूनतम मात्रा 43 रही।
बीते वर्षों में दीपावली की रात पटाखों की वजह से वाराणसी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊपर रहा है। महमूरगंज, लंका, गोदौलिया, बीएलडब्ल्यू, विश्वेश्वरगंज, इंग्लिशिया लाइन, नई सड़क, सोनारपुरा और राजाबाजार, नदेसर सर्वाधिक वायु प्रदूषण की जद में रहे। दो साल पहले बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स पांच सौ के आसपास तक पहुंच गया था। वाराणसी विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर था।
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बीते वर्षों में दीपावली की रात पटाखों की वजह से वाराणसी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊपर रहा है। महमूरगंज, लंका, गोदौलिया, बीएलडब्ल्यू, विश्वेश्वरगंज, इंग्लिशिया लाइन, नई सड़क, सोनारपुरा और राजाबाजार, नदेसर सर्वाधिक वायु प्रदूषण की जद में रहे। दो साल पहले बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स पांच सौ के आसपास तक पहुंच गया था। वाराणसी विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर था।
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