वाराणसी में उड़ा टेथर्ड ड्रोन : तीन किलोमीटर एरिया की निगरानी, CP ने किया गश्त; बोले- श्रद्धालुओं रखें ख्याल
काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास टेडर्थ ड्रोन उड़ा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी की गई। सीपी मोहित अग्रवाल ने अपने मातहतों के साथ भ्रमण भी किया। काशी आने वाले भक्तों की सुविधाओं को लेकर उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं।
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महाकुंभ से आ रहे श्रद्धालुओं के हुजूम की निगरानी कमिश्नरेट की पुलिस ने बुधवार से टेथर्ड ड्रोन से की। गोदौलिया स्थित मारवाड़ी हॉस्पिटल की छत पर स्थापित यह कैमरा तीन किलोमीटर तक के क्षेत्र की निगरानी कर सकता है।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल और एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. ने मारवाड़ी हॉस्पिटल की छत से टेथर्ड ड्रोन की मदद से भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को देखा। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि आम ड्रोन के मुकाबले टेथर्ड ड्रोन 12 घंटे तक लगातार उड़ सकता है।
इसे जनरेटर के माध्यम से चार्ज किया जाता है। रात में इसके नाइट विजन कैमरे का इस्तेमाल भीड़ की निगरानी के लिए किया जाएगा। मारवाड़ी हॉस्पिटल की छत से फिलहाल गोदौलिया, रामापुरा, सोनारपुरा, श्री काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध, गिरजाघर और गंगा घाटों की निगरानी आसानी से की जा सकती है।
सीपी ने दिए निर्देश
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अपर पुलिस आयुक्त डॉ. एस. चनप्पा और काशी जोन के डीसीपी व एडीसीपी के साथ गोदौलिया से विश्वनाथ धाम तक पैदल गश्त की। विश्वनाथ धाम की दर्शन-पूजन की व्यवस्था का उन्होंने जायजा लिया। कतारबद्ध श्रद्धालुओं से उन्होंने व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
पुलिसकर्मियों से उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्रता से पेश आएं। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने रूट डायवर्जन पॉइंट्स और शहर के बाहर बाहरी वाहनों के लिए बनाए गए पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया।
कमिश्नरेट की पुलिस के पास छह और ड्रोन
एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. ने बताया कि टेथर्ड ड्रोन के अलावा हमारे पास छह और ड्रोन हैं। उनका इस्तेमाल पूरे पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र की निगरानी के लिए इन दिनों किया जा रहा है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में डायल 112 की 360 डिग्री पीटीजेड कैमरे से लैस एक पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) भी निगरानी के लिए रहती है।