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टीईटी पेपर लीक मामले के तार गाजीपुर से जुड़े
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यूपी टीईटी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय का संबंध गाजीपुर से है। वह करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर पोस्ट मुबारक के निवासी है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके गांव गोपालपुर सहित परिवार के लोग शोकाकुल हो गए। ग्रामीण उनके बारे में दिनभर चर्चा करते रहे।
ढोडा़डीह रेलवे स्टेशन के सामने बसे गोपालपुर में दस ब्राह्मण परिवार हैं। गांव के लोगों से जब उनकी चर्चा की गई तो उन्होंने संजय को बहुत ही नेक इंसान बताया। गांव के रहने वाले विजय शंकर मिश्र ने बताया कि वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। जब भी छुट्टी पर घर आते थे, लोगों के साथ मिलते-जुलते थे जिससे उनकी लोकप्रियता गांव मे एक अच्छे आदमी के रूप में होती है। गांव के ही गोधनी प्रजापति ने कहा कि अच्छी सोच के आदमी हैं। उनकी छवि पर किसी मामले में कभी सवाल नहीं उठे।
वहीं के शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि संजय उपाध्याय कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारी रहे हैं। उनमें कभी पद की लोलुपता नहीं रही। शिक्षा विभाग मे जहां रहे इनकी स्वच्छ छवि रही। गांव मे लोग उनकी बड़ी इज्जत करते है। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गांव के लोग बहुत दुखी हैं।
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गोपालपुर गांव के ही बब्लू शुक्ला ने बताया कि संजय उपाध्याय ऐसे गलत कार्य नहीं कर सकते। वो एक बेहद ईमानदारी के साथ काम करते रहे। कोई गलत पैरवी की बात करता था तो उसको मना कर देते थे। शिक्षा विभाग में वे सहायक निदेशक बेसिक आजमगढ़ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ ही कई जनपदों के डायट प्राचार्य भी रहे, लेकिन कहीं से भी उनकी ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगा। लगता है कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है।
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ढोडा़डीह रेलवे स्टेशन के सामने बसे गोपालपुर में दस ब्राह्मण परिवार हैं। गांव के लोगों से जब उनकी चर्चा की गई तो उन्होंने संजय को बहुत ही नेक इंसान बताया। गांव के रहने वाले विजय शंकर मिश्र ने बताया कि वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। जब भी छुट्टी पर घर आते थे, लोगों के साथ मिलते-जुलते थे जिससे उनकी लोकप्रियता गांव मे एक अच्छे आदमी के रूप में होती है। गांव के ही गोधनी प्रजापति ने कहा कि अच्छी सोच के आदमी हैं। उनकी छवि पर किसी मामले में कभी सवाल नहीं उठे।
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वहीं के शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि संजय उपाध्याय कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारी रहे हैं। उनमें कभी पद की लोलुपता नहीं रही। शिक्षा विभाग मे जहां रहे इनकी स्वच्छ छवि रही। गांव मे लोग उनकी बड़ी इज्जत करते है। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गांव के लोग बहुत दुखी हैं।
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गोपालपुर गांव के ही बब्लू शुक्ला ने बताया कि संजय उपाध्याय ऐसे गलत कार्य नहीं कर सकते। वो एक बेहद ईमानदारी के साथ काम करते रहे। कोई गलत पैरवी की बात करता था तो उसको मना कर देते थे। शिक्षा विभाग में वे सहायक निदेशक बेसिक आजमगढ़ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ ही कई जनपदों के डायट प्राचार्य भी रहे, लेकिन कहीं से भी उनकी ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगा। लगता है कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है।