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शारदीय नवरात्र: हिदायतें बेअसर, फिर सड़कों पर पंडाल, प्रशासन को फिक्र नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 05 Sep 2017 07:22 PM IST
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21 से शुरू होगा शारदीय नवरात्र 27 से शहर में उमड़ेगा भक्तों का रेला
- फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र में आदिशक्ति की पूजा-उपासना के लिए पूजा पंडालों का निर्माण शुरू हो गया है। प्रशासन की हिदायतों के बावजूद एकबारगी फिर सड़कों पर पूजा पंडाल लगाने की शुरुआत हो गई है।
ट्रैफिक बाधित होने और बिजली तारों से खतरों की आशंका के बावजूद प्रशासन ने इन पंडालों को शिफ्ट कराने की अब तक कोई पहल नहीं की है। सारी कवायद हिदायतों तक ही सिमटी है।
शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से शुरू होगा। अधिकांश पूजा पंडालों में प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना के बाद नवरात्र सप्तमी से दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। फिर तीन दिन तक शहर में दर्शनार्थियों का हुजूम उमड़ेगा।
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नवरात्र नवमी और फिर दशहरे तक शहर में ट्रैफिक का जबरदस्त दबाव होगा। जिले में 250 से अधिक पूजा पंडाल सजाए जाते हैं। इनमें से 50 से अधिक पूजा पंडाल सड़कों पर लगाए जाते हैं।
जिन इलाकों में ये पूजा पंडाल लगते हैं, वहां तकरीबन हफ्ते भर तक यातायात प्रभावित रहता है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन कार्रवाई बचता रहता है। अलबत्ता, उन्हें यातायात के उचित प्रबंधन की जिम्मेदारी देकर प्रशासन अपना पल्ला झाड़ लेता है।
शहर में पांडेयपुर, मच्छोदरी, लहरतारा, मंडुवाडीह, चेतगंज, लंका, मैदागिन, चौक आदि इलाकों में पूजा पंडाल सड़कों पर लगाने की शुरुआत हो चुकी है। कई जगहों पर बांस बल्लियां गिर गई हैं। कुछ जगहों पर फ्रेम खड़ा करने का काम शुरू हो गया है।
पूजा समितियों से जुड़े लोगों की मानें तो पूजा पंडाल उस समय से लग रहे हैं जब इन रास्तों पर किसी तरह का ट्रैफिक दबाव नहीं था। अब आबादी बढ़ने के बाद सड़कों पर यातायात बढ़ गया है।
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ट्रैफिक बाधित होने और बिजली तारों से खतरों की आशंका के बावजूद प्रशासन ने इन पंडालों को शिफ्ट कराने की अब तक कोई पहल नहीं की है। सारी कवायद हिदायतों तक ही सिमटी है।
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शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से शुरू होगा। अधिकांश पूजा पंडालों में प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना के बाद नवरात्र सप्तमी से दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। फिर तीन दिन तक शहर में दर्शनार्थियों का हुजूम उमड़ेगा।
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नवरात्र नवमी और फिर दशहरे तक शहर में ट्रैफिक का जबरदस्त दबाव होगा। जिले में 250 से अधिक पूजा पंडाल सजाए जाते हैं। इनमें से 50 से अधिक पूजा पंडाल सड़कों पर लगाए जाते हैं।
जिन इलाकों में ये पूजा पंडाल लगते हैं, वहां तकरीबन हफ्ते भर तक यातायात प्रभावित रहता है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन कार्रवाई बचता रहता है। अलबत्ता, उन्हें यातायात के उचित प्रबंधन की जिम्मेदारी देकर प्रशासन अपना पल्ला झाड़ लेता है।
शहर में पांडेयपुर, मच्छोदरी, लहरतारा, मंडुवाडीह, चेतगंज, लंका, मैदागिन, चौक आदि इलाकों में पूजा पंडाल सड़कों पर लगाने की शुरुआत हो चुकी है। कई जगहों पर बांस बल्लियां गिर गई हैं। कुछ जगहों पर फ्रेम खड़ा करने का काम शुरू हो गया है।
पूजा समितियों से जुड़े लोगों की मानें तो पूजा पंडाल उस समय से लग रहे हैं जब इन रास्तों पर किसी तरह का ट्रैफिक दबाव नहीं था। अब आबादी बढ़ने के बाद सड़कों पर यातायात बढ़ गया है।