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स्कूली शिक्षा की चिंताजनक तस्वीर: वाराणसी में 10 हजार बच्चे हुए ड्रॉप आउट, जौनपुर में सबसे ज्यादा बच्चों ने छोड़ा स्कूल
Thu, 24 Mar 2022 11:59 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Mar 2022 11:59 AM IST
सार
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन से मिले वर्ष 2020-21 के आंकड़ों के मुताबिक स्कूली शिक्षा की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। कक्षा 8वीं के बाद 9वीं में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है
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स्कूली शिक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के तमाम कवायद के बीच स्कूली शिक्षा की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्राप आउट) छात्र-छात्राओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन से मिले वर्ष 2020-21 के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ये आंकड़े सामने आए हैं।
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जिसके बाद शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर 2022-23 के नए शैक्षिक सत्र में बच्चों के ट्रांजिशन दर में सुधार करने को कहा है। कक्षा 8वीं के बाद 9वीं में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को कम करने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दो दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन भी होना है।
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शासन की ओर से जारी डाटा में पूर्वांचल में सबसे ज्यादा जौनपुर जिले में 25 हजार बच्चे ड्रॉप आउट हुए हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर सोनभद्र, तीसरे पर मिर्जापुर, चौथे पर बलिया जबकि वाराणसी पांचवें स्थान पर है। सबसे कम छात्र भदोही में ड्राप आउट हुए हैं।
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बीएसए राकेश सिंह ने कहा कि जिले में कई बच्चे कक्षा आठवीं के बाद नौवीं में प्रवेश नहीं लेते। जिससे उन्हें ड्राप आउट की श्रेणी में रखा जाता है। इस अंतर को कम करने के लिए शासन से निर्देश जारी हुए हैं। जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।