मच्छरों से बचाव के लिए उठाया बड़ा कदम, हर ब्लॉक में होंगी 10 फॉगिंग मशीनें
मच्छरों से बीमारियों में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जापानी इन्सेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया बीमारियां होती हैं। ग्रामीणों को मच्छरों के बढ़ते प्रकोप का डर सताने लगा है। हर ब्लॉक को 10 फॉगिंग मशीनें खरीदने को कहा है।
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वाराणसी के ग्रामीण इलाकों को मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए हर ब्लॉक में 10-10 फॉगिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। इसके लिए डीपीआरओ ने सभी ब्लॉक के अधिकारियों को निर्देशित किया है।
गांवों में मच्छरों का भी प्रकोप शुरू हो गया है। बड़ी तादाद में मच्छरों के चलते रात में सोना भी दूभर हो रहा है। फॉगिंग नहीं होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। गांव वालों को रात में भी गर्मी होने के कारण खुले में सोना पड़ता है। गर्मी में मच्छरों का भारी प्रकोप है। गांव में फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। इनसे मच्छर जनित रोगों के फैलने का भी पूरा खतरा बना हुआ है।
लोग मच्छरों से बचने के लिए विभिन्न प्रकार के विकल्पों का प्रयोग कर रहे हैं। जिस तरह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। मच्छरों से कई तरह की खतरनाक बीमारी हो सकते हैं।
मच्छरों से होने वाली बीमारियों में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जापानी इन्सेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि हैं। इसके अलावा भी बहुत सारी बीमारियां मच्छरों के कारण ही होती हैं। डीपीआरओ शास्वत आनंद सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में फागिंग की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके लिए सभी ब्लॉकों में 10-10 फागिंग मशीन खरीदी जाएगी। इसके लिए सभी ब्लॉक के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।