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दूसरे दिन सागौन और आंवला के पेड़ पहुंचे केंद्रीय कारागार
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मंडलायुक्त कार्यालय में आधुनिक तरीके से 73 पेड़ों के स्थानांतरण में दूसरे दिन दो पेड़ सागौन और आंवला को शिवपुर केंद्रीय कारागार में लगाया गया। 15 से 20 दिन में गुलमोहर, अशोक सहित सभी पेड़ों के स्थानांतरित करने की योजना है।
कमिश्नरी कार्यालय परिसर से केंद्रीय कार्यालय के बीच तीन किलोमीटर की दूरी को मशीन को दो चक्कर लगाने में एक दिन का समय लग रहा है। जिसमें एक दिन में दो ही पेड़ों को ही लगाया जा रहा है। वनाधिकारी महावीर कौजालगी ने बताया कि जिले में अक्सर सरकारी निर्माण के दौरान सभी छोटे बडे़ पेड़ों को काट दिया जाता था। जिसे रोकने के लिए विभाग ने ऐसे पेड़ों को बचाने की पहल की है। इसके लिए दिल्ली की कंपनी से करार किया गया। जो शत प्रतिशत पेड़ के हरे होने की शर्त पर पेड़ों का स्थानांतरण कर रही है। बीते दो दिनों में तीन पेड़ों को स्थानांतरित किया गया है। अगले 15 से 20 दिनों में सभी पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। इस बीच अगर कोई पेड़ सूखेगा तो संबंधित कंपनी के भुगतान में कटौती की जाएगी। जो प्रति पेड़ के दर से लागू होगी। कंपनी पेड़ों की देखभाल एक साल तक करेगी।
स्थानांतरण से पहले हो रही है पेड़ों की छंटाई
मंडलायुक्त कार्यालय से शिवपुर स्थित केंद्रीय कारागार के बीच की तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए पहले पेड़ों की बड़ी शाखाओं की छटनी की जा रही है। जिससे पेड़ का वजन हल्का होने पर उसे जड़ से उखाड़ कर दूसरे स्थान पर दोबारा लगाया जा रहा है।
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कमिश्नरी कार्यालय परिसर से केंद्रीय कार्यालय के बीच तीन किलोमीटर की दूरी को मशीन को दो चक्कर लगाने में एक दिन का समय लग रहा है। जिसमें एक दिन में दो ही पेड़ों को ही लगाया जा रहा है। वनाधिकारी महावीर कौजालगी ने बताया कि जिले में अक्सर सरकारी निर्माण के दौरान सभी छोटे बडे़ पेड़ों को काट दिया जाता था। जिसे रोकने के लिए विभाग ने ऐसे पेड़ों को बचाने की पहल की है। इसके लिए दिल्ली की कंपनी से करार किया गया। जो शत प्रतिशत पेड़ के हरे होने की शर्त पर पेड़ों का स्थानांतरण कर रही है। बीते दो दिनों में तीन पेड़ों को स्थानांतरित किया गया है। अगले 15 से 20 दिनों में सभी पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। इस बीच अगर कोई पेड़ सूखेगा तो संबंधित कंपनी के भुगतान में कटौती की जाएगी। जो प्रति पेड़ के दर से लागू होगी। कंपनी पेड़ों की देखभाल एक साल तक करेगी।
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स्थानांतरण से पहले हो रही है पेड़ों की छंटाई
मंडलायुक्त कार्यालय से शिवपुर स्थित केंद्रीय कारागार के बीच की तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए पहले पेड़ों की बड़ी शाखाओं की छटनी की जा रही है। जिससे पेड़ का वजन हल्का होने पर उसे जड़ से उखाड़ कर दूसरे स्थान पर दोबारा लगाया जा रहा है।
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