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बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का बनेगा ई लर्निगिं पासबुक, मिलेगा अंक
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अब तक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा था। लेकिन अब गुरुजी भी दीक्षा एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इस बारे में आदेश जारी कर इस प्रशिक्षण को शुरू करने का निर्देश दिया है। जिसके बाद सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों को शैक्षिक सत्र में सभी प्रशिक्षण कोर्स पूरे करने होंगे।
शिक्षकों के इस प्रशिक्षण का मूल्यांकन भी होगा और उन्होंने क्या सीखा इसकी ई लर्निगिं पासबुक भी तैयार होगी। शिक्षकों के इस ऑनलाइन पढ़ाई में हर साल 100 कोर्स करवाएं जाएंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद कैलेंडर जारी करेगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण से पहले शिक्षकों का प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर पर होता है। उसमें न तो शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाती थी और न ही मूल्यांकन होता था। ब्लॉक स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण में कई बार शिक्षक अनुपस्थित पाए जाते थे।
दीक्षा एप के माध्यम से दिए जाने वाले प्रशिक्षण में हर शिक्षक के बारे में एक क्लिक पर देखा जा सकेगा कि उन्होंने कितने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा किया है। यहीं उनकी ई लर्निगिं पासबुक रहेगी। दीक्षा के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए सामग्री वीडियो, पीपीटी, एनिमेशन, पीडीएफ के रूप में प्रदान किया किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को मूल्यांकन के आधार पर उनके गोपनीय आख्या में 20 अंक दिए जाएंगे।
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शिक्षकों के इस प्रशिक्षण का मूल्यांकन भी होगा और उन्होंने क्या सीखा इसकी ई लर्निगिं पासबुक भी तैयार होगी। शिक्षकों के इस ऑनलाइन पढ़ाई में हर साल 100 कोर्स करवाएं जाएंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद कैलेंडर जारी करेगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण से पहले शिक्षकों का प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर पर होता है। उसमें न तो शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाती थी और न ही मूल्यांकन होता था। ब्लॉक स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण में कई बार शिक्षक अनुपस्थित पाए जाते थे।
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दीक्षा एप के माध्यम से दिए जाने वाले प्रशिक्षण में हर शिक्षक के बारे में एक क्लिक पर देखा जा सकेगा कि उन्होंने कितने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा किया है। यहीं उनकी ई लर्निगिं पासबुक रहेगी। दीक्षा के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए सामग्री वीडियो, पीपीटी, एनिमेशन, पीडीएफ के रूप में प्रदान किया किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को मूल्यांकन के आधार पर उनके गोपनीय आख्या में 20 अंक दिए जाएंगे।
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