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शिक्षक अनुमोदन में धन उगाही का आरोप
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2015 01:51 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध औरैया स्थित श्री संस्कृत कॉलेज में शिक्षक अनुमोदन के नाम पर धन उगाही का मामला सामने आया है। कॉलेज की अध्यक्ष पुष्पा बाजपेयी की ओर से इसकी शिकायत बुधवार को कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे से की गई।
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कुलपति को दिए गए पत्र में पुष्पा ने विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव संबद्धता दीप्ति मिश्रा पर पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
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पुष्पा ने बताया कि अनुमोदन की फाइल 26 मार्च को ही जमा कर दी गई थी लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुलपति से मुलाकात करने पर उन्होंने सहायक कुलसचिव संबद्धता के पास भेजा। पुष्पा का आरोप है कि सहायक कुलसचिव ने पांच लाख रुपये की मांग की।
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पुष्पा ने बताया उन्होंने कर्ज लेकर 2.45 लाख रुपये दे दिए बावजूद इसके काम नहीं हो सका। पुष्पा ने संबद्धता विभाग के एक कर्मचारी पर भी दस हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पुष्पा ने कुलपति से रुपये वापस कराने और अनुमोदन की कार्रवाई पूरी कराने की मांग की है।
इस संबंध्ा में दीप्ति मिश्रा, सहायक कुलसचिव का कहना है शिक्षक अनुमोदन के नाम पर धन उगाही का आरोप निराधार है। महिला की ओर से प्रस्तुत किया गया अनुमोदन संबंधी प्रपत्र विसंगति पूर्ण है। सही कागजात लगाकर विसंगति दूर करने की बात कही गई तो कॉलेज की अध्यक्ष ने तीन दिन के भीतर काम पूरा करने का दबाव बनाया।
इस तरह का आरोप लगाकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं - वीके सिन्हा, कुलसचिव ने कहा कि कुलपति के आदेश पर दीप्ति मिश्रा को सहायक कुलसचिव संबद्धता के पद से हटाते हुए उप कुलसचिव एसएन सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। जहां तक अनुमोदन के नाम पर धन उगाही की शिकायत की बात है तो कुलपति के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।