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तलत अजीज सहित कई प्रख्यात कलाकारों से सजेगी सुरगंगा की शाम, कल से 25 तक चलेगा दूसरा चरण
Mon, 14 Jan 2019 11:36 AM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:36 AM IST
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- फोटो : file photo
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मंगलवार यानि की 15 जनवरी से काशी भैंसासुर घाट की शाम बहुत ही सुहानी होने वाली है। जी हां, सुरगंगा के दूसरे चरण में हर दिन बड़े-बड़े कलाकारों की प्रस्तुति होगी। इसमें गजल गायक तलत अजीज आएंगे, वहीं सारेगामा पा के कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। यह जानकारी सुरगंगा महोत्सव समिति के सदस्य आलोक पारिख ने मलदहिया स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
बता दें कि लोककलाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गठित संस्था पहल की ओर से वाराणसी में सुर गंगा महोत्सव के दूसरे चरण का आयोजन इस बार देव दीपावली से किया गया है। 2017 में 43 दिन के आयोजन के बाद इस साल 23 नवंबर से 14 अप्रैल तक (143 दिन) चलने वाले महोत्सव में गायन, वादन और नृत्य आदि के कार्यक्रम प्रस्तुति हो रही है।
ये होंगे आयोजन
15 जनवरी की निशा पं. किशन महाराज की स्मृति को समर्पित होगी, जिसमें पं. पूरन महाराज, प्रवीण उद्धव की प्रस्तुति होगी। वहीं सारेगामपा के चार कलाकार भी प्रस्तुति देंगे।
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16 जनवरी की निशा ठुमरी साम्राज्ञी विदुषी सिद्वेश्वरी देवी के स्मृति में होगी। इसमें सुचरिता गुप्ता प्रस्तुति देंगी, दूसरे सत्र में बादशाह-ए-ग़ज़ल तलत अज़ीज सिरकत करेंगे।
17 जनवरी को महान गायनाचार्य पं. विष्णु गोंविद कलविट की स्मृति में उनके शिष्य पं. देवाशीष डे और उनके शिष्य प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा प्रख्यात गायक विपिन अनेजा भी प्रस्तुति देंगे।
18 जनवरी को कथक साम्राज्ञी सितारा देवी की स्मृति में पं. विशाल कृष्ण गुरु पद वंदन करेंगे, वहीं दूसरे सत्र में पार्श्व गायक अमन त्रिखा का गायन होगा।
19 जनवरी की निशा ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी के स्मृति में निवेदित होगी, जिसमें शिष्या सुगंधा शर्मा और नागेंद्र दुबे की प्रस्तुति होगी। दूसरे सत्र में पार्श्व गायक व संगीत निर्देशक रामशंकर की प्रस्तुति होगी।
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बता दें कि लोककलाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गठित संस्था पहल की ओर से वाराणसी में सुर गंगा महोत्सव के दूसरे चरण का आयोजन इस बार देव दीपावली से किया गया है। 2017 में 43 दिन के आयोजन के बाद इस साल 23 नवंबर से 14 अप्रैल तक (143 दिन) चलने वाले महोत्सव में गायन, वादन और नृत्य आदि के कार्यक्रम प्रस्तुति हो रही है।
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ये होंगे आयोजन
15 जनवरी की निशा पं. किशन महाराज की स्मृति को समर्पित होगी, जिसमें पं. पूरन महाराज, प्रवीण उद्धव की प्रस्तुति होगी। वहीं सारेगामपा के चार कलाकार भी प्रस्तुति देंगे।
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16 जनवरी की निशा ठुमरी साम्राज्ञी विदुषी सिद्वेश्वरी देवी के स्मृति में होगी। इसमें सुचरिता गुप्ता प्रस्तुति देंगी, दूसरे सत्र में बादशाह-ए-ग़ज़ल तलत अज़ीज सिरकत करेंगे।
17 जनवरी को महान गायनाचार्य पं. विष्णु गोंविद कलविट की स्मृति में उनके शिष्य पं. देवाशीष डे और उनके शिष्य प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा प्रख्यात गायक विपिन अनेजा भी प्रस्तुति देंगे।
18 जनवरी को कथक साम्राज्ञी सितारा देवी की स्मृति में पं. विशाल कृष्ण गुरु पद वंदन करेंगे, वहीं दूसरे सत्र में पार्श्व गायक अमन त्रिखा का गायन होगा।
19 जनवरी की निशा ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी के स्मृति में निवेदित होगी, जिसमें शिष्या सुगंधा शर्मा और नागेंद्र दुबे की प्रस्तुति होगी। दूसरे सत्र में पार्श्व गायक व संगीत निर्देशक रामशंकर की प्रस्तुति होगी।
24 जनवरी की निशा सितार सम्राट पं. रविशंकर के स्मृति में सजेगी, प्रथम सत्र में सितार वादिका प्रो. कृष्णा चक्रवर्ती का संगीत होगा। वहीं बीएचयू के प्रमुख सितार वादक प्रो. राजेश शाह के नेतृत्व में उनके शिष्यगण समूह वादन प्रस्तुत करेंगे। दूसरे सत्र में पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठा का गायन होगा।
25 जनवरी को संगीत मार्तंड पं. ओमकार नाथ ठाकुर की स्मृति में पं. राजेश्वर आचार्य शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे, वहीं दूसरे सत्र में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका हेमलता अपनी प्रस्तुति देंगी।
25 जनवरी को संगीत मार्तंड पं. ओमकार नाथ ठाकुर की स्मृति में पं. राजेश्वर आचार्य शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे, वहीं दूसरे सत्र में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका हेमलता अपनी प्रस्तुति देंगी।