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स्वामी स्वरूपानंद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य चुने जाने पर विवाद

Sat, 25 Nov 2017 01:12 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 25 Nov 2017 01:12 AM IST
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Swami Swarupanand elected as Shankaracharya  of kashi jyotish peeth
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद को भारत धर्म महामंडल के एक धड़े की ओर से शुक्रवार को ज्योतिष्पीठ का दोबारा शंकराचार्य चुने के बाद इस पद को लेकर विवाद गहरा गया है। महामंडल के जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बुलाई गई इस बैठक के एजेंडे को असंवैधानिक बताते हुए पहले ही रद्द कर दिया था।
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चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने शुक्रवार की शाम बताया कि महामंडल के कुछ पदाधिकारी स्वामी स्वरूपानंद के प्रभाव में आकर संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। नेशनल कौंसिल की अगली बैठक में उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। 
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स्वरूपानंद द्वारिका-शारदा पीठ के भी शंकराचार्य हैं। 22 सितंबर को हाईकोर्ट ने इस पद पर दावा करने वाले स्वामी स्वरूपानंद और स्वामी वासुदेवानंद को अयोग्य ठहराते हुए नए सिरे से शंकराचार्य का चयन करने के लिए भारत धर्म महामंडल को नामित किया था।  
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धर्म महामंडल के डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी की ओर से जारी एजेंडे के तहत शुक्रवार शाम चार बजे लहुराबीर स्थित कार्यालय में नेशनल कौंसिल की बैठक शुरू हुई। इसमें 38 सदस्यीय मंत्री सभा में से 17 सदस्य उपस्थित थे। जबकि पांच सदस्यों ने प्राक्सी के तौर पर अपना मत भेजा था।

महामंडल के उपाध्यक्ष शशिनंदन दर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 11 अक्तूबर को हुई बैठक के मिनट्स की पुष्टि की गई। इसके बाद एजेंडा पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद ध्वनिमत से मंत्री सभा के बहुमत के आधार पर चार मई, 1941 की धारणा के तहत हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में निर्णय लिया गया।

कहा गया कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के चयन के लिए महामंडल के चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को पुरी, शृंगेरी और द्वारिका पीठों के शंकराचार्यों से मार्गदर्शन लेने के लिए भेजा गया था। तीनों पीठों के शंकराचार्यों, विद्वानों के अभिमत के आधार पर इस पद पर स्वामी ब्रह्मानंद की शिष्य परंपरा के एक मात्र संन्यासी स्वामी स्वरूपानंद का अभिषेक किया जाए।

भीतर चयन की प्रक्रिया चली, बाहर बैठक रद्द करने का नोटिस चस्पा

Swami Swarupanand elected as Shankaracharya  of kashi jyotish peeth
भारत धर्म महामंडल के डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बुलाई गई बैठक - फोटो : अमर उजाला
भारत धर्म महामंडल के कार्यालय परिसर में एक तरफ डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बुलाई गई मंत्री सभा की बैठक में स्वामी स्वरूपानंद को ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य चुना जा रहा था, दूसरी ओर जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय की ओर से महामंडल भवन की दीवार पर इस बैठक के अवैधानिक होने का नोटिस चस्पा किया गया।

इस नोटिस में जनरल सेक्रेटरी की ओर से कहा गया है कि 24 नवंबर को डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बुलाई गई बैठक का एजेंडा निरस्त किया जा चुका है। 
अगर फिर भी यह बैठक की जाती है तो उसमें लिए गए निर्णय असंवैधानिक माने जाएंगे। इस बैठक में किसी भी पदाधिकारी, सदस्य को उपस्थित न होने की अपील भी की गई है।
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