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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Swami Jitendrananda Saraswati targeted Swami Avimukteshwarananda over statement on Kedarnath gold theft case

Varanasi: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस बयान पर विवाद, अखिल भारतीय संत समिति ने किया ये सवाल

Tue, 16 Jul 2024 05:12 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 16 Jul 2024 05:12 PM IST
सार

अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है।   

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Swami Jitendrananda Saraswati targeted Swami Avimukteshwarananda over statement on Kedarnath gold theft case
स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। स्वामी जीतेंद्रानंद ने रामालय की जांच करवाने की मांग की है।

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स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के द्वारा उद्धव ठाकरे को लेकर जिस तरह राजनीतिक वक्तव्य किए गए हैं, इस देश का संत समाज जानना चाहता है कि पालघर में उसके मुख्यमंत्री काल में पीट-पीट कर जिन संतो की हत्या की गई, क्या कभी पालघर के उन संतों के बारे में भी कभी जुबान खुली। 
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स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि हर उस स्थान पर जहां नकारात्मक स्थिति मिलती हो, उस स्थान पर जाना सनातन धर्म के मान मर्यादा का मर्दन करना है। चाहे श्री राम जन्मभूमि के प्राण प्रतिष्ठा की मुहूर्त का विरोध करना हो या केदारनाथ में जाकर वहां से सोना गायब हो गया ऐसे आरोप लगाने का अथवा अंबानी परिवार के विवाह में जहां संन्यासियों का जाना वर्जित है, वहां जाकर के यह बयान बाजी यह दर्शाती है कि व्यक्ति प्रसिद्ध और प्रचार का इतना भूखा है कि सनातन धर्म और संन्यास की मर्यादा भी नहीं पता है।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि हम तो केदारनाथ के सोने के प्रकरण में बस इतना ही जानना चाहेंगे, कि रामालय ट्रस्ट के नाम पर राम जन्मभूमि के निर्णय आने के बाद एक- एक ग्राम जो सोना इकट्ठा हुआ। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को उस सोने का हिसाब देश को देना चाहिए। हिंदू समाज जानना चाहता है सोना चोरों से। केदारनाथ से तो सोना चोरी नहीं हुआ है परंतु रामायण न्यास के द्वारा राम जन्मभूमि के नाम पर सोना जरूर लूट गया है। उसका हिसाब भी देश को जानना चाहिए।
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