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Gyanvapi Case : पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नहीं मिली अनुमति, आज फिर भी जाने का एलान, पुलिस ने दी चेतावनी
Sat, 04 Jun 2022 04:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Jun 2022 04:39 AM IST
सार
अविमुक्तेश्वरानंद बोले, 71 लोगों के साथ गंगा के रास्ते जाएंगे पूजन के लिए। स्वामी के इस एलान के बाद ज्ञानवापी में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अनुमति नहीं मिली है। पुलिस कमिश्नरेट ने पूजा के लिए उनको सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि आदेश को नहीं मानने वालों पर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि वह 71 लोगों के साथ गंगा के रास्ते पूजन के लिए जाएंगे।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि वह शंकराचार्य के आदेश पर शनिवार को श्री विद्यामठ से सुबह 8:30 बजे नौका से केदारघाट से ललिताघाट पहुंचेंगे। वहां से गंगाजल लेकर शिवलिंग की पूजा के लिए जाएंगे। उनके साथ एक ब्रह्मचारी, 64 भक्त और पांच पंडित रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो किसी भी तरह का उन्माद या अशांति नहीं फैलाएंगे, लेकिन वो पूजा करने जरूर जाएंगे।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूजा के लिए पुलिस कमिश्नरेट से इजाजत मांगी थी जिसको खारिज कर दिया गया है। पूजा के लिए इजाजत मांगने पर पुलिस उपायुक्त काशी जोन आरएस गौतम ने एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें पुलिस ने साफ तौर पर कहा गया है कि जिस जगह की इजाजत मांगी जा रही है, वह परिसर कोर्ट में वाद विचाराधीन है।
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उक्त जगह कोर्ट के आदेश पर सील किया गया है और सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर शांति और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाता है। इसके बावजूद यदि कोई कानून का उल्लंघन और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ज्ञानवापी मामले में एक और आवेदन, आज सुनवाई
ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग से जुड़ा आवेदन शुक्रवार को स्पेशल सीजेएम की अदालत में दिया गया। अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह के इस आवेदन पर अदालत शनिवार को सुनवाई करेगी।
ज्ञानवापी सर्वे के दौरान वजूस्थल में बरामद शिवलिंग जैसी आकृति के मामले में एक और वाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल किया गया। इसमें संयुक्त सचिव अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन, प्रबंध समिति समेत एक हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई। कोर्ट में इसकी पोषणीयता (सुनने योग्य है या नहीं) पर सुनवाई शनिवार को होगी।