फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Swami achyutanand tirtha said that shankaracharya is symbol of sacrifice and dignity

त्याग, वैराग्य एवं गरिमा के प्रतीक हैं आदि शंकराचार्यः स्वामी अच्युतानंद तीर्थ

Sat, 21 Apr 2018 01:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 21 Apr 2018 01:29 AM IST
विज्ञापन
Swami achyutanand tirtha said that shankaracharya is symbol of sacrifice and dignity
कार्यक्रम का उद्घाटन करते दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानन्द व कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा । - फोटो : अमर उजाला
भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने शुक्रवार को जगद्गुरु शंकराचार्य के प्राकाट्योत्सव पर धर्मसंघ शिक्षामंडल सभागार में आयोजित समारोह के दौरान कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यधिक पवित्र, ज्ञान, दूरदर्शिता, त्याग, वैराग्य एवं गरिमा का प्रतीक है।
विज्ञापन


आदि जगद्गुरु शंकराचार्य के बताए मार्ग पर चलकर ही सनातन धर्म को सुदृढ़ किया जा सकता है। संतो द्वारा पल्लवित-पुष्पित होकर ही हमारा अध्यात्म ज्ञान पूरे विश्व का मार्गदर्शक है।
विज्ञापन


आदि जगद्गुरु शंकराचार्य का अद्भुत अद्वैतवाद एवं भारतवर्ष का वास्तविक ज्ञान विज्ञान रूपी रहस्य भारतीय संस्कृति में धर्म का पर्याय है। उनके द्वारा स्थापित पीठों की सर्वमान्यता पर भारतीय जनमानस की अटूट श्रद्धा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी, कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, दयानिधि मिश्रा, आरके चौधरी, प्रेम मिश्र, निपेंद्र सिंह, जगजीतन पांडेय, अशोक राय को सम्मानित किया गया। 

शंकराचार्य पद की होड़ से किया बाहर

Swami achyutanand tirtha said that shankaracharya is symbol of sacrifice and dignity
भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतान्द को सम्मानित करते प्रमुख उद्योग पति आर के चौधरी । - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी तरफ श्री श्री जगद्गगुरु शंकराचार्य महासंस्थानम श्री शारदापीठम शृंगेरी मठ में प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के सचिव चल्ला सुब्बा राव शास्त्री ने आदि शंकराचार्य के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला।

इसी क्रम में भरत कुलम ट्रस्ट की ओर पुष्करकुंड स्थित ब्रह्मवेद विद्यालय में डॉ. कामेश्वर उपाध्याय को संस्कृत रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवशंकर पाठक ने मुख्य अतिथि महापौर मृदुला जायसवाल को सम्मानित किया।

द्वारकाशारदा पीठ के शंकराचार्य पद की दौड़ से भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने स्वयं को बाहर कर लिया है। उन्होंने धर्मसंघ शिक्षा मंडल में आदिजगद्गुरु शंकराचार्य के प्राक्टयोत्सव पर आयोजित समारोह के दौरान मंच से इसकी घोषणा की। 

इस दौरान मौजूद लोगों ने भूमापीठाधीश्वर से उनके निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। भूमापीठाधीश्वर ने सभी के आग्रह को अस्वीकार करते हुए कहा कि आत्ममंथन के द्वारा अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा एवं गुरुकृपा को जनकल्याण तथा राष्ट्र निर्माण की सेवा में लगाने का मन बनाया है। शंकराचार्य का पद अधिक पवित्र, त्याग, विवेक एवं वैराग्य का प्रतीक है और उसी के अनुरूप इस पद का सम्मान होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed