Swachh Sarvekshan 2020: स्वच्छता में वाराणसी की स्थिति में सुधार, 43 पायदान की लगाई छलांग
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रिपोर्ट में वाराणसी की हालत पहले से काफी सुधर गई है। देश में वाराणसी शहर को 3684.20 अंकों के साथ 27 वां स्थान मिला। पिछले साल 70 वां स्थान था। वाराणसी ने 43 पायदान की छलांग लगाई है। यूपी के 7 शहरों में बनारस छठे स्थान पर है।
प्रदेश में लखनऊ नंबर एक पर है। आगरा नंबर दो, गाजियाबाद नंबर तीन, प्रयागराज नंबर चार, कानपुर नंबर पांच और वाराणसी नंबर छह पर है। इसके अलावा मेरठ नंबर सात पर है।
लखनऊ में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन के साथ महापौर मृदुला जायसवाल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा और नगर आयुक्त गौरांग राठी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यह पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छ सर्वेक्षण है। इस सर्वेक्षण के लिए 4242 शहर कवर किए गए हैं। 1.9 करोड़ नागरिकों से प्रतिक्रिया एकत्र की गई है।
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वच्छ भारत महोत्सव में आयोजित किए जा रहे 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2020' के परिणामों के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुरस्कार बांटे। लगातार चौथी बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनने की सूची में इंदौर नंबर वन है।
यह देश के वार्षिक स्वच्छ सर्वेक्षण का पांचवा संस्करण है। शीर्ष प्रदर्शन वाले शहरों और राज्यों को कुल 129 पुरस्कार दिए जा रहे हैं। मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत चुनिंदा लाभार्थियों, स्वच्छ भारत योद्धाओं और स्वच्छता कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की।
वहीं, देश में गंगा किनारे बसा सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। प्राचीन, पवित्र शहर वाराणसी को गंगा नदी किनारे सबसे साफ शहर बनाने में प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा योगदान है। पीएम मोदी ने अस्सी घाट से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। जिसके बाद से गंगा घाटों की सफाई दिन दूनी-रात चौगुनी रफ्तार से बेहतर होती चली गई। इसके चलते बनारस को यह पुरस्कार मिला है।