भारत मुस्लिम राष्ट्र न बने, इसके लिए सीएए कड़ाई से लागू करने की जरूरत: सुरेंद्र सिंह
बलिया जिले के बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अपना देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मलेशिया की तरह मुस्लिम राष्ट्र न बने, इसके लिए जरूरी है कि यहां नागरिकता संशोधन बिल कड़ाई से लागू किया जाए। एनआरसी को लागू करने में भी देर न की जाए। इसके लिए देशभक्त लोगों को आगे आकर विदेशियों के हाथों का खिलौना बनकर विरोध करने वाले विरोधियों का जमकर प्रतिवाद किया जाए।
सोमवार को बैरिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कंबोडिया, मलेशिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान सहित दर्जनों देशों में हिंदुओं की संख्या बहुतायत थी। वहां मंदिर थे, देवी देवताओं की पूजा होती थी। हिंदू त्योहार व पर्व मनाए जाते थे, लेकिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने उन देशों को मुस्लिम राष्ट्र बना दिया।
पाकिस्तान का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ था। वहां हिंदुओं की अच्छी-खासी संख्या थी, लेकिन उन्हें धर्म बदलना पड़ा या देश छोड़ना पड़ा। ऐसे में शरणार्थी हिंदुओं को हिंदुस्तान में शरण नहीं मिलेगी तो उनके सामने समुद्र में डूबकर मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी सहित कई विरोधी पार्टियां चाहती हैं कि पाकिस्तान से आने वाले मुसलमानों को भी यहां की नागरिकता दी जाए। एक तो पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर मुसलमानों का उत्पीड़न नहीं होता और दूसरे अगर उन्हें यहां की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान कर दिया जाएगा तो हिंदुस्तान का भी हाल पाकिस्तान जैसा हो जाएगा। हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे, उन्हें या तो इस्लाम कबूल करना पड़ेगा या हिंदुस्तान छोड़ना पड़ेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निहीत स्वार्थ में कांग्रेस ने 1947 में इस देश के दो टुकड़े कर दिए थे और अब टुकड़े-टुकड़े करने के लिए देशहित के कानून के संदर्भ में अफवाह फैला कर लोगों से बवाल करा रहे हैं। उन्होंने लोगों को सावधान किया कि अस्तित्व की रक्षा के लिए ऐसे तत्वों का जमकर विरोध होना चाहिए। विधायक ने कहा कि आरएसएस को ये लोग उग्रवादी कहते हैं और मुस्लिम चरमपंथियों को भटके हुए मासूम बताते हैं। ऐसे लोगों को इस देश की जनता माफ नहीं करेगी।