सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने कहा- काला धन देश की अर्थव्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहा है
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनीत शरण सोमवार को वाराणसी पहुंचे। वह यहां एआईएफटीपी एवं आईटीबीए की ओर से आयोजित कार्यक्रम देव दीपावली वाराणसी टैक्स कॉन्फ्रेंस 2019 में बतौर विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि काला धन देश की अर्थव्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहा है। आर्थिक करप्शन को दूर करने के लिए जीएसटी पर मंथन करने की जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश भूषण आर गवई ने कहा कि टैक्स के बारे में अधिवक्ता, विधि प्रोफेशनल, विधिज्ञाता, विश्वविद्यालय एवं लॉ स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा शोधकर इसका सही मूल्यांकन करें। सरकार इन शोधों पर ध्यान दे, जो भारत के विकास में सहायक बनें
विशिष्ट अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के जज कृष्ण मुरारी ने कहा कि भारत देश विकासशील है। यहां करों का बार-बार बदलना, उसका परिमार्जन करने की जरूरत है। इस दिशा में हम कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि करों का विभिन्न स्रोतों से संग्रह हो, जिससे देश का विकास हो। एक देश-एक कर की अवधारणा होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पीयूष अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए डेढ़ साल हो गया है। इसे लेकर जनसामान्य में आज भी कन्फ्यूजन है। कांफ्रेंस के माध्यम से मंथन कर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। आईटीएटी के अध्यक्ष पीपी भट्ट ने कहा कि हम कम से कम लागत में ज्यादा संख्या में टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रहे हैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी निर्णय हो रहे हैं। इसे पूरे देश मे लागू करने की जरूरत है।
एआईएफटीपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक सर्राफ ने कहा कि समय-समय पर कर प्रणाली में सुधार के लिए सरकार को सलाह की आवश्यकता होती है। हमारी संस्था सरकार को सही सलाह देकर राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देती है। गाँव व शहर में अभियान चलाकर आम जन को जागरूक करती है।