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महिलाओं के उत्थान में परिवार का सहयोग जरूरी है

Sun, 31 Oct 2021 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 10:54 PM IST
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Support of family is necessary in the upliftment of women.
नगर के वैदिक बाल विद्यामंदिर मालगोदाम के समीप आयोजित अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्य - फोटो : BALLIA
देश का परिवेश तेजी से बदल रहा है। महिलाएं अब शिक्षा, खेल, चिकित्सा, राजनीति से लेकर सेना तक में सफल भागीदारी निभा रही हैं। वे अंतरिक्ष तक का सफर कर रही हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में सशक्त हुई हैं और हो रही हैं। हालांकि अभी भी सुदूर क्षेत्रों में पुरुष प्रधान व रूढि़वादी सोच महिलाओं की प्रगति में रोड़ा साबित हो रही है। इसे दूर करने के लिए जागरूकता की जरूरत है। ये बातें रविवार को नगर के मालगोदाम स्थित वैदिक बाल विद्या मंदिर में अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल कार्यक्रम के तहत ‘वर्तमान परिवेश में महिलाएं कितनी सशक्त’ विषयक संगोष्ठी में महिलाओं ने कहीं।
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महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं के उत्थान में परिवार का सहयोग बहुत ही जरूरी है। अगर परिवार का सहयोग है तो समाज स्वयं ही महिलाओं को महत्व देने लगेगा। वक्ताओं ने कहा कि कल तक घर की चहारदीवारी में रहने वाली महिलाएं आज बाहर भी सपने देखने के काबिल हुई हैं। शिक्षा और बदलते दृष्टिकोण से नारी एक शक्ति के रूप में उभर रही है। राजनीति, टेक्नालोजी, सुरक्षा समेत हर क्षेत्र में महिलाओं को सफलता मिल रही है। अंत में महिलाओं ने दूसरी महिलाओं को जागृत करने का संकल्प लिया।
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- आज महिलाएं या लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं तो इसके पीछे हमारे घर के ही लड़के होते है। बेटों को बढ़ावा देने से उनका मनोबल बढ़ता है। बेटा-बेेटी के अंतर को खत्म कर लड़कियों को शिक्षित करना होगा। - डॉ. राजश्री सिंह
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- मेेरे वार्ड में जो भी महिलाएं समस्या लेकर आती हैं, उनका भरपूर सहयोग करती हूं। इसके साथ ही उनको कानून व सुरक्षा के प्रति बताने का भी काम करती हूं। ताकि वह अपने अधिकारों को समझ सकें और उसका फायदा ले सकें।- रंजना देवी, सभासद
- महिलाएं काफी सशक्त हुई हैं। आज भी दहेज के लोभी महिलाओं का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसी महिलाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है।- प्रीति रस्तोगी
- बहू को बेटी जैसा ही मानना चाहिए। महिलाओं से अपील है कि अपनी बहुओं को बेटी जैसा माने और उनको स्वेच्छा से जीने का अधिकार प्रदान करें।- ममता देेवी
- जब लड़कियां शिक्षित होंगी, तभी देेेश व समाज का विकास होगा। हालांकि वर्तमान परिवेश में अभिभावक लड़कियों को शिक्षित के प्रति जागरूक हुए हैं। जिसका नतीजा है कि हर क्षेत्र में लड़कियां आगे बढ़ रही हैं।- प्रमिला सिंह
- आज लड़कियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। बस इन्हें और जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए माता-पिता को आगे आना होगा। - पूनम सिंह
- वर्तमान परिवेश में महिलाएं काफी सशक्त हुई हैं। आज भी इस पुरुष प्रधान देश में सुदूर क्षेत्र में महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे लड़कियों को शिक्षित करके ही दूर किया जा सकता है।- जयति सिंह
- महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बने कानूनों की जानकारी नहीं होने से महिलाएं अपने अधिकारों को नहीं जान पाती। ऐसे में महिलाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है।- सुष्मिता सिंह, शिक्षिका
- महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। यह तभी संभव है जब महिलाएं अपने लड़कियों को लड़कों की भांति शिक्षित करने का काम करेंगी।- जूली सिंह

- महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर गोष्ठी आयोजित कर कल्याणकारी योजनाओं से लेकर सुरक्षा तक की जानकारी दी जा रही है। इसका लाभ महिलाओं को लेना चाहिए। - साधना देवी
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