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रविवार को एटीएम में भी छुट्टी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:39 AM IST
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बंद बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम।
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नोटबंदी के 25 दिन बाद भी हालात अब तक सामान्य नहीं हो सके हैं। रविवार को लोगों की परेशानी और बढ़ गई। एक तरफ बैंक बंद रहे तो वहीं 70 से 80 फीसदी एटीएम में भी छुट्टी के हालात रहे। किसी एटीएम में पैसे नहीं थे, कहीं शटर गिरा हुआ था तो कहीं सिस्टम ही अपग्रेड नहीं किया जा सका है। कैश की कमी के साथ ही एटीएम कैलिब्रेट न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
रविवार को बैंक बंद होने की वजह से लोग नकदी के लिए दिन भर एटीएम का चक्कर लगाते रहे लेकिन ज्यादातर लोगों को निराशा हाथ लगी। नकदी संकट का असर घर से लेकर बाजार तक दिखने लगा है। लोगों के सामने मकान किराया, स्कूल फीस और दूधवाले के साथ-साथ मुहल्ले की दूकानों पर बकाए का भुगतान करने की समस्या है। कुछ समय तक तो लोगों ने उधार लेकर काम चलाया लेकिन अब यह भी मिलना बंद हो गया है। एक महीने का कर्ज होने का भी टेंशन बना हुआ है। ऐेसे में कहीं भी एटीएम चालू होने की सूचना मिलने पर लोग वहीं पहुंच रहे हैं। तमाम लोग रात में भी एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं।
इस बीच प्रमुख चौराहों, अस्पताल के सामने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम बंद रहे। जिले में 650 में से आधे से अधिक एटीएम अभी तक अपग्रेड नहीं हो पाए हैं। मलदहिया चौराहा, लहुराबीर, कबीरचौरा, सुंदरपुर, भिखारीपुर, लंका, पांडेयपुर आदि इलाकों में एसबीआई, पीएनबी, यूबीआई सहित अन्य बैंकों के एटीएम बंद रहे। हालांकि बीएचयू कैंपस स्थित एसबीआई, ककरमत्ता, दुर्गाकुंड, रविंद्रपुरी स्थित एचडीएफसी बैंक, भिखारीपुर पीएनबी बैंक के एटीएम पर रुपये थे तो यहां लंबी-लंबी लाइन लगी रही।
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कांग्रेस के प्रदेश सचिव वीरेंद्र कपूर ने कहा कि नोटबंदी की आड़ में साजिश और घोटाले किए जा रहे हैं। इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने यह मांग रविवार को पराड़कर भवन में पत्रकारों से बातचीत में की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से बैंकों में लाइन लगाने और अपना पैसा लेने के चक्कर में देशभर में 80 लोगाें की जान जा चुकी है। आरोप लगाया कि नोट बंद करने की घोषणा से पहले ही कोलकाता के बैँक में एक करोड़ रुपये जमा कर दिए गए। इसी तरह कुल तीन करोड की धनराशि भाजपा ने जमा की। उन्होंने कहा कि देश जुमलों से नहीं, जिम्मेदारी से चलेगा। केंद्र सरकार को चाहिए कि जनता को जो परेश्ाानियां हो रही हैं उसका तत्काल समाधान कराए।
एक दिसंबर से नकदी के संकट से जूझ रहे बैंकों पर सोमवार को दबाव बढ़ने की संभावना है। एटीएम में पैसा न मिलने से लोग परेशान हैं। सोमवार को बैंक खुलने पर लोगों की ज्यादा भीड़ पहुंचने की संभावना से अधिकारी भी चिंतित हैं। हालांकि एसएसपी नितिन तिवारी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से जिले के सभी बैंकों पर रोजाना पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहकर शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति बरकरार रखने के लिए कहा गया है।
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रविवार को बैंक बंद होने की वजह से लोग नकदी के लिए दिन भर एटीएम का चक्कर लगाते रहे लेकिन ज्यादातर लोगों को निराशा हाथ लगी। नकदी संकट का असर घर से लेकर बाजार तक दिखने लगा है। लोगों के सामने मकान किराया, स्कूल फीस और दूधवाले के साथ-साथ मुहल्ले की दूकानों पर बकाए का भुगतान करने की समस्या है। कुछ समय तक तो लोगों ने उधार लेकर काम चलाया लेकिन अब यह भी मिलना बंद हो गया है। एक महीने का कर्ज होने का भी टेंशन बना हुआ है। ऐेसे में कहीं भी एटीएम चालू होने की सूचना मिलने पर लोग वहीं पहुंच रहे हैं। तमाम लोग रात में भी एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं।
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इस बीच प्रमुख चौराहों, अस्पताल के सामने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम बंद रहे। जिले में 650 में से आधे से अधिक एटीएम अभी तक अपग्रेड नहीं हो पाए हैं। मलदहिया चौराहा, लहुराबीर, कबीरचौरा, सुंदरपुर, भिखारीपुर, लंका, पांडेयपुर आदि इलाकों में एसबीआई, पीएनबी, यूबीआई सहित अन्य बैंकों के एटीएम बंद रहे। हालांकि बीएचयू कैंपस स्थित एसबीआई, ककरमत्ता, दुर्गाकुंड, रविंद्रपुरी स्थित एचडीएफसी बैंक, भिखारीपुर पीएनबी बैंक के एटीएम पर रुपये थे तो यहां लंबी-लंबी लाइन लगी रही।
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कांग्रेस के प्रदेश सचिव वीरेंद्र कपूर ने कहा कि नोटबंदी की आड़ में साजिश और घोटाले किए जा रहे हैं। इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने यह मांग रविवार को पराड़कर भवन में पत्रकारों से बातचीत में की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से बैंकों में लाइन लगाने और अपना पैसा लेने के चक्कर में देशभर में 80 लोगाें की जान जा चुकी है। आरोप लगाया कि नोट बंद करने की घोषणा से पहले ही कोलकाता के बैँक में एक करोड़ रुपये जमा कर दिए गए। इसी तरह कुल तीन करोड की धनराशि भाजपा ने जमा की। उन्होंने कहा कि देश जुमलों से नहीं, जिम्मेदारी से चलेगा। केंद्र सरकार को चाहिए कि जनता को जो परेश्ाानियां हो रही हैं उसका तत्काल समाधान कराए।
एक दिसंबर से नकदी के संकट से जूझ रहे बैंकों पर सोमवार को दबाव बढ़ने की संभावना है। एटीएम में पैसा न मिलने से लोग परेशान हैं। सोमवार को बैंक खुलने पर लोगों की ज्यादा भीड़ पहुंचने की संभावना से अधिकारी भी चिंतित हैं। हालांकि एसएसपी नितिन तिवारी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से जिले के सभी बैंकों पर रोजाना पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहकर शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति बरकरार रखने के लिए कहा गया है।