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नए साल पर रास आई दुबई की राह
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 28 Dec 2015 02:00 AM IST
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दुबई के लिए सीधी उड़ान सेवा, सस्ता टूर पैकेज और वहां जनवरी के पहले सप्ताह में लगने वाला इंटरनेशनल शॉपिंग फेस्टिवल दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित कर रहा है।
यही कारण है कि नए साल पर दुबई की सैर करने वालों की तादाद में दोगुने से अधिक इजाफा हुआ है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस साल बनारस समेत पूरे पूर्वांचल से तीन हजार से अधिक लोग दुबई में नए साल का जश्न मनाएंगे। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वाराणसी-शारजाह उड़ान सेवा शुरू होने से दुबई जाने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ी है।
वहीं सिंगापुर और थाईलैंड जाने वाले सैलानियों में भी इजाफा हुआ है। घरेलू पर्यटन केंद्रों में गोवा और कश्मीर की सैर सैलानियों को सबसे अधिक रास आ रही है।
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टूर कंसल्टेंट सुधांशु सक्सेना बताते हैं, नेपाल में मधेशियों के आंदोलन के चलते वहां का पर्यटन प्रभावित हुआ है। वहीं गोवा में आना-जाना और ठहरना काफी महंगा हो गया है। गोवा के ट्रिप पर जितना खर्च हो रहा है, उससे कम खर्च में लोग बैंकाक घूम ले रहे हैं।
जिनके पास पासपोर्ट नहीं है वे केरल, जयपुर और जम्मू का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए साल पर दुबई का पैकेज 60 हजार रुपये के आसपास रहा। छह रात-पांच दिन के इस पैकेज में हवाई किराया और वीजा शुल्क सब शामिल है। सुरक्षित ठिकाना और खरीदारी का बेहतरीन मौका होने की वजह से आज दुबई एशिया का सबसे उम्दा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है।
उधर, पर्यटन कारोबार से ही जुड़े अजय सिंह की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से बनारस के पर्यटन कारोबार में बदलाव आया है। वैश्विक स्तर पर यह बदलाव देखा जा सकता है। विदेशी सैलानियों की दिलचस्पी इस शहर के प्रति बढ़ी है। घरेलू सैलानियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
खासकर दक्षिण भारत से धार्मिक यात्रा पर काशी आने वाले सैलानियों की संख्या दोगुनी हुई है। ट्रैवेल असिस्टेंस के निदेशक रोनॉल्ड बेंजामीन नॉडर ने बताया कि दुबई और बैंकाक भारतीय पर्यटकों का सबसे मनपसंद पर्यटन क्षेत्र बनकर उभरा है।
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यही कारण है कि नए साल पर दुबई की सैर करने वालों की तादाद में दोगुने से अधिक इजाफा हुआ है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस साल बनारस समेत पूरे पूर्वांचल से तीन हजार से अधिक लोग दुबई में नए साल का जश्न मनाएंगे। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वाराणसी-शारजाह उड़ान सेवा शुरू होने से दुबई जाने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ी है।
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वहीं सिंगापुर और थाईलैंड जाने वाले सैलानियों में भी इजाफा हुआ है। घरेलू पर्यटन केंद्रों में गोवा और कश्मीर की सैर सैलानियों को सबसे अधिक रास आ रही है।
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टूर कंसल्टेंट सुधांशु सक्सेना बताते हैं, नेपाल में मधेशियों के आंदोलन के चलते वहां का पर्यटन प्रभावित हुआ है। वहीं गोवा में आना-जाना और ठहरना काफी महंगा हो गया है। गोवा के ट्रिप पर जितना खर्च हो रहा है, उससे कम खर्च में लोग बैंकाक घूम ले रहे हैं।
जिनके पास पासपोर्ट नहीं है वे केरल, जयपुर और जम्मू का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए साल पर दुबई का पैकेज 60 हजार रुपये के आसपास रहा। छह रात-पांच दिन के इस पैकेज में हवाई किराया और वीजा शुल्क सब शामिल है। सुरक्षित ठिकाना और खरीदारी का बेहतरीन मौका होने की वजह से आज दुबई एशिया का सबसे उम्दा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है।
उधर, पर्यटन कारोबार से ही जुड़े अजय सिंह की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से बनारस के पर्यटन कारोबार में बदलाव आया है। वैश्विक स्तर पर यह बदलाव देखा जा सकता है। विदेशी सैलानियों की दिलचस्पी इस शहर के प्रति बढ़ी है। घरेलू सैलानियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
खासकर दक्षिण भारत से धार्मिक यात्रा पर काशी आने वाले सैलानियों की संख्या दोगुनी हुई है। ट्रैवेल असिस्टेंस के निदेशक रोनॉल्ड बेंजामीन नॉडर ने बताया कि दुबई और बैंकाक भारतीय पर्यटकों का सबसे मनपसंद पर्यटन क्षेत्र बनकर उभरा है।