40 साल बाद आया ऐसा अवसर: जुमे से शुरू और जुमे पर ही अलविदा रमजान, ईद के चांद का बेसब्री से इंतजार
इस साल रमजान 24 मार्च शुक्रवार से शुरू हुआ। इसी दिन से ही मोमिन अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। इस दौरान कुल पांच जुमा पड़े। मौ. अब्दुल्लाह नासिर ने बताया कि रमजान में पांच जुमा आना मोमिनों के लिए खुशी का पैगाम देने वाला है।
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जुमे से शुरू होकर इसी दिन मुकद्दस रमजान अलविदा हो रहा है। कई दशकों बाद ऐसा मौका आया है कि रमजान में पांच जुमा और जुमे पर ही मोमिनों को ईद के चांद के दीदार का मौका मिल सकता है। लोग इसे अच्छा संयोग और अफजल मान रहे हैं।
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इस साल रमजान 24 मार्च शुक्रवार से शुरू हुआ। इसी दिन से ही मोमिन अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। इस दौरान कुल पांच जुमा पड़े। मौ. अब्दुल्लाह नासिर ने बताया कि रमजान में पांच जुमा आना मोमिनों के लिए खुशी का पैगाम देने वाला है। उन्हें खुदा के बारगाह में सजदा करने और दुआ मांगने का मौका मिला है। पांचवें जुमे पर ही रमजान की 29 तारीख पर चांद की तस्दीक की जाएगी। यह भी कई दशक बाद देखने को मिल रहा है। कुछ उलेमाओं व लोगों का मानना है कि 40 साल बाद ऐसा अवसर मिला है। वहीं, शकील अहमद जादूगर और शाहिद अली मुन्ना ने कहा कि अपनी जिंदगी में पहली बार ऐसा अवसर देखने में आया है।