{"_id":"5bf03af3bdec2269602c6127","slug":"subramanian-swamy-gave-statement-on-ram-mandir-in-bhu","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देश में ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो राम मंदिर का निर्माण रोक सकेः सुब्रह्मण्यम स्वामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश में ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो राम मंदिर का निर्माण रोक सकेः सुब्रह्मण्यम स्वामी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 18 Nov 2018 10:29 AM IST
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि देश में ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो राम मंदिर का निर्माण रोक सके। उत्तर से लेकर दक्षिण तक भगवान राम को पूजा जाता है। भगवान राम हमारे राष्ट्रीय प्रतीक हैं।
बीएचयू में शनिवार को ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर: स्थिति एवं संभावनाएं’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में डॉ. स्वामी ने कहा कि देश में 600 साल मुसलमानों ने राज किया। इसके बाद 200 साल अंग्रेज रहे। बावजूद इसके देश में 82 प्रतिशत हिंदू हैं। हिंदू स्वाभिमान कायम है।
महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह ने हिंदुओं के स्वाभिमान के लिए अंतिम दम तक संघर्ष किया। अब हिंदू समाज अपने अस्तित्व और अस्मिता के प्रतीक राम का मंदिर बनाने के लिए रिवर्स गेयर लगा रहे हैं। बार-बार 1992 में मस्जिद तोड़ने की बात कही जाती है, जबकि सच्चाई यह है कि नया मंदिर बनाने के लिए हिंदुओं ने पुराने मंदिर को तोड़ा था।
विज्ञापन
अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पीठ के अध्यक्ष डॉ. स्वामी ने कहा कि मैंने पूजा के मूलभूत अधिकार धारा 25 के तहत याचिका दायर की है। सुनवाई होने पर 10 दिन में फैसला आ जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि पंचायत नहीं, कानून के आधार पर मंदिर चाहिए। जांच में पता चल चुका है कि जमीन के नीचे मंदिर के अवशेष हैं। 8500 पृष्ठों का निर्णय है।
इसलिए पूरा स्थान ज्यों का त्यों चाहिए। आजादी के बाद शहर, सड़क, पार्क, जीटी रोड के नाम बदले गए। अब गुलामी की एक-एक निशानी मिटानी है। 25 नवंबर को सभी हिंदू संगठन अयोध्या की धर्मसभा में जुटेंगे।
विज्ञापन
बीएचयू में शनिवार को ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर: स्थिति एवं संभावनाएं’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में डॉ. स्वामी ने कहा कि देश में 600 साल मुसलमानों ने राज किया। इसके बाद 200 साल अंग्रेज रहे। बावजूद इसके देश में 82 प्रतिशत हिंदू हैं। हिंदू स्वाभिमान कायम है।
विज्ञापन
महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह ने हिंदुओं के स्वाभिमान के लिए अंतिम दम तक संघर्ष किया। अब हिंदू समाज अपने अस्तित्व और अस्मिता के प्रतीक राम का मंदिर बनाने के लिए रिवर्स गेयर लगा रहे हैं। बार-बार 1992 में मस्जिद तोड़ने की बात कही जाती है, जबकि सच्चाई यह है कि नया मंदिर बनाने के लिए हिंदुओं ने पुराने मंदिर को तोड़ा था।
विज्ञापन
अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पीठ के अध्यक्ष डॉ. स्वामी ने कहा कि मैंने पूजा के मूलभूत अधिकार धारा 25 के तहत याचिका दायर की है। सुनवाई होने पर 10 दिन में फैसला आ जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि पंचायत नहीं, कानून के आधार पर मंदिर चाहिए। जांच में पता चल चुका है कि जमीन के नीचे मंदिर के अवशेष हैं। 8500 पृष्ठों का निर्णय है।
इसलिए पूरा स्थान ज्यों का त्यों चाहिए। आजादी के बाद शहर, सड़क, पार्क, जीटी रोड के नाम बदले गए। अब गुलामी की एक-एक निशानी मिटानी है। 25 नवंबर को सभी हिंदू संगठन अयोध्या की धर्मसभा में जुटेंगे।
तीन स्थान छोड़ दो, हम 40 हजार छोड़ देंगे
बीएचयू में आयोजित व्याख्यान
- फोटो : amar ujala
डॉ. स्वामी ने कहा कि मुसलमान क्यों जिद कर रहे हैं नमाज कहीं पढ़ी जा सकती है। शिया और मुस्लिम महिलाएं मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। केवल सुन्नी वक्फ बोर्ड जिद कर रहा है। तीन (अयोध्या, मथुरा, काशी) को छोड़ दे तो हम 40 हजार मस्जिद छोड़ देंगे।
महाभारत से सीख लेना चाहिए। केवल पांच गांव मांगे थे। न इंद्रप्रस्थ मिला ना ही हस्तिनापुर बचा। बाद में वे भी नहीं बचे। मैंने ओवैसी से कहा कि जांच करा लो, हमारा-तुम्हारा डीएनए एक है। तुम्हारे पूर्वज हिंदू हैं।
डॉ. स्वामी ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके के करुणानिधि से मिलकर रामसेतु तोड़ने का प्रयास किया लेकिन जिन लोगों ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया उनका हश्र किसी से छिपा नहीं है। श्रीलंका में राम जहां गए थे, उनका पर्यटन की दृष्टि से विकास हो सकता है तो अयोध्या में जन्मे भगवान राम का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है।
डॉ. स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया जाता है चाय वाला है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की डिग्री मांगी तो आज तक नहीं मिली। जबकि मुझे सब पता हैं पर मैं बताऊंगा नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बापू को गोली मारने वाले नाथूराम गोडसे और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के संबंधों की जांच होनी चाहिए।
महाभारत से सीख लेना चाहिए। केवल पांच गांव मांगे थे। न इंद्रप्रस्थ मिला ना ही हस्तिनापुर बचा। बाद में वे भी नहीं बचे। मैंने ओवैसी से कहा कि जांच करा लो, हमारा-तुम्हारा डीएनए एक है। तुम्हारे पूर्वज हिंदू हैं।
डॉ. स्वामी ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके के करुणानिधि से मिलकर रामसेतु तोड़ने का प्रयास किया लेकिन जिन लोगों ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया उनका हश्र किसी से छिपा नहीं है। श्रीलंका में राम जहां गए थे, उनका पर्यटन की दृष्टि से विकास हो सकता है तो अयोध्या में जन्मे भगवान राम का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है।
डॉ. स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया जाता है चाय वाला है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की डिग्री मांगी तो आज तक नहीं मिली। जबकि मुझे सब पता हैं पर मैं बताऊंगा नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बापू को गोली मारने वाले नाथूराम गोडसे और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के संबंधों की जांच होनी चाहिए।