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अध्ययन : 45 साल से ऊपर के 45 फीसदी लोगों को उक्त रक्तचाप

Wed, 18 Aug 2021 01:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 01:06 AM IST
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Study: 45 percent of people above 45 years have the said blood pressure
उच्च रक्तचाप वैसे तो सभी उम्र के लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है, लेकिन बुजुर्गों में दिल का दौरा पड़ने के साथ ही स्ट्रोक का खतरा रहता है। 45 साल से अधिक आयु के 45 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। वहीं, करीब 40 प्रतिशत इसके शुरुआती लक्षणों से परेशान हैं। आईएमएस बीएचयू के कम्यूनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट और ग्रीड काउंसिल की अध्ययन में इसका पता चला है। कम्यूनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट की प्रो. संगीता कंसल सहित अन्य वैज्ञानिकों के शोध में बताया गया है कि उच्च रक्तचाप से हृदय रोग को भी बढ़ावा मिलता है। यह जोखिम भरा होता है। अध्ययन में यही देखने को मिला कि भारत के बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप की व्यापकता में लिंग असमानता काफी स्पष्ट है। कुल मिलाकर पुरुषों (43.9 प्रतिशत) की तुलना में महिलाओं में (45.5 प्रतिशत) इसका प्रसार अधिक था। वहीं, 60 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और पुरुषों के बीच यह अंतर काफी हद तक बढ़ जाता है। इस बात की संभावना है कि जल्द ही कार्रवाई नहीं होने पर बीमारी का बोझ और बढ़ जाएगा। बताया कि यह अध्ययन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान मुंबई के माध्यम से किया गया। सह प्रिंसिपल अन्वेषक, प्रोफेसर चंद्र शेखर ने कहा कि लासी डेटा से निक ले तथ्य से उच्च रक्तचाप की सही स्थिति को जानने और इसके निदान में सहायता मिलेगी। सांख्यिकी विभाग के प्रो. आलोक कुमार ने कहा कि हाल के सर्वेक्षण पर पता चला कि उच्च रक्तचाप एक सार्वजनिक समस्या है, इसके समाधान के लिए नीतिगत तथ्यों के आधार पर काम करने की जरूरत है।
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गैर संचारी रोग सचिवालय बनाने की है योजना
आईएमएस बीएचयू निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने कहा कि टीम ने साइलेंट एपिडेमिक के महत्वपूर्ण विश्लेषण के लिए लासी डेटा का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। इसका बारीकी से अध्ययन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुझाव देने के लिए आईएमएस, बीएचयू में संकाय सदस्यों के साथ एक गैर संचारी रोग (एनसीडी) सचिवालय स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
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