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विद्यार्थी संग्रहालय का लाभ उठाकर अपने इतिहास को समृद्ध करें : डॉ. शीतल राणा
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अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर सोमवार को नगर के पुराना रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री भवन संग्रहालय में वर्तमान परिवेश में संग्रहालय का महत्व विषय पर व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि बीएचयू संग्रहालय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शीतल राणा ने कहा कि संग्रहालय में हमारी विरासत संरक्षित होती है। संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि ये अतीत और वर्तमान के बीच सेतु हैं। ये हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और भविष्य के लिए प्रेरणा देते हैं। यह ऐतिहासिक सत्य को संरक्षित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से संग्रहालयों से लाभ उठाकर अपने इतिहास ज्ञान को समृद्ध करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता बीएचयू के डॉ. सुजीत कुमार चौबे ने कहा कि संग्रहालय समाज की उपलब्धियों को संरक्षित करने का कार्य करते हैं और देश, काल और समाज के इतिहास को हमारे सम्मुख मूर्त रूप में प्रस्तुत करते हैं। समाज की एक इकाई के रूप में हमारी भावनाओं और उपलब्धियों को विश्व के सम्मुख प्रमाण के साथ प्रस्तुत करने में संग्रहालयों की अहम भूमिका होती है। ये इतिहास के अनदेखे रहस्यों को साकार रूप में हमारे सामने उद्घाटित करते हैं। संग्रहालय पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इसमें सूफिया परवीन प्रथम, रितेश साहनी द्वितीय और आनंदी तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आएशा, नेहा और आकांक्षा को मिला। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया गया। स्वागत संग्रहालय के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने किया। इस मौके पर रहमत अली, शैलेश सिंह, रोशनी खरवार, मोनिका सिंह, महेंद्र, मनोज, अजीत आदि रहे।
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मुख्य वक्ता बीएचयू के डॉ. सुजीत कुमार चौबे ने कहा कि संग्रहालय समाज की उपलब्धियों को संरक्षित करने का कार्य करते हैं और देश, काल और समाज के इतिहास को हमारे सम्मुख मूर्त रूप में प्रस्तुत करते हैं। समाज की एक इकाई के रूप में हमारी भावनाओं और उपलब्धियों को विश्व के सम्मुख प्रमाण के साथ प्रस्तुत करने में संग्रहालयों की अहम भूमिका होती है। ये इतिहास के अनदेखे रहस्यों को साकार रूप में हमारे सामने उद्घाटित करते हैं। संग्रहालय पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इसमें सूफिया परवीन प्रथम, रितेश साहनी द्वितीय और आनंदी तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आएशा, नेहा और आकांक्षा को मिला। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया गया। स्वागत संग्रहालय के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने किया। इस मौके पर रहमत अली, शैलेश सिंह, रोशनी खरवार, मोनिका सिंह, महेंद्र, मनोज, अजीत आदि रहे।
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