{"_id":"641da7607ddad82d2f001a56","slug":"students-protest-front-of-dean-varanasi-news-c-20-vns1013-119959-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: कृषि विज्ञान संस्थान में छात्रों ने किया डीन का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: कृषि विज्ञान संस्थान में छात्रों ने किया डीन का घेराव
विज्ञापन
कृषि विज्ञान संस्थान में छात्रों ने किया डीन का घेराव
रिजल्ट में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध परीक्षा कराने का आरोप, धरने पर बैठे
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू के कृषि विज्ञान के विद्यार्थी रिजल्ट में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध परीक्षा का आरोप लगाकर शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। छात्रों ने डीन व निदेशक का घेराव भी किया। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र भी धरने पर बैठ गए। परिषद के अभय प्रताप सिंह ने बताया कि दिसंबर में सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षाएं हुई थीं। जनवरी में परिणाम जारी हो गए। सौ छात्रों का बैक आया तो सप्ताह भर के अंदर ही तीन पेपर एक थ्योरी व दो प्रैक्टिकल करा लिए गए। कुछ छात्र उत्तीर्ण हो गए, लेकिन कुछ बच गए। एक ही दिन तीन परीक्षाएं कराने से छात्रों में आक्रोश है। चेताया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक धरना जारी रखेंगे। नियम के अनुसार परिणाम आने के 50 दिनों बाद री-एग्जाम लिया जाता है। छात्रों को ऑनलाइन रिजल्ट दिया गया। एक सप्ताह में फीस जमा की। वहीं, एक ही दिन में तीन-तीन परीक्षाएं हुईं और वाइबा लिया गया। चेताया कि जब तक नियम संगत तरीके से री-एग्जाम की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
रिजल्ट में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध परीक्षा कराने का आरोप, धरने पर बैठे
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू के कृषि विज्ञान के विद्यार्थी रिजल्ट में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध परीक्षा का आरोप लगाकर शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। छात्रों ने डीन व निदेशक का घेराव भी किया। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र भी धरने पर बैठ गए। परिषद के अभय प्रताप सिंह ने बताया कि दिसंबर में सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षाएं हुई थीं। जनवरी में परिणाम जारी हो गए। सौ छात्रों का बैक आया तो सप्ताह भर के अंदर ही तीन पेपर एक थ्योरी व दो प्रैक्टिकल करा लिए गए। कुछ छात्र उत्तीर्ण हो गए, लेकिन कुछ बच गए। एक ही दिन तीन परीक्षाएं कराने से छात्रों में आक्रोश है। चेताया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक धरना जारी रखेंगे। नियम के अनुसार परिणाम आने के 50 दिनों बाद री-एग्जाम लिया जाता है। छात्रों को ऑनलाइन रिजल्ट दिया गया। एक सप्ताह में फीस जमा की। वहीं, एक ही दिन में तीन-तीन परीक्षाएं हुईं और वाइबा लिया गया। चेताया कि जब तक नियम संगत तरीके से री-एग्जाम की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन