बीएचयू में छात्रों का धरना जारी: सेंट्रल ऑफिस का मेन गेट बंद करके प्रदर्शन, एक छात्र की तबीयत बिगड़ी
छात्रों ने सेंट्रल ऑफिस का मेन गेट बंद करके धरना-प्रदर्शन किया। इसी बीच बीएचयू के शोध छात्र परीक्षा नियंत्रण केंद्र पर एक छात्र बीमार हो गया।
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बीएचयू में शोध प्रवेश परीक्षा के लिए जारी नियमावली को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जहां छह दिन से परीक्षा नियंता कार्यालय पर छात्र धरने पर बैठे हैं, वहीं इस दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फैसले का इंतजार है। छात्रों ने मांग पूरी न होने तक आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
सोमवार से ही परीक्षा नियंता कार्यालय पर छात्र नियमावली पर सवाल उठाते हुए छात्र धरना दे रहे हैं। इस बीच दो छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई है। बावजूद इसके छात्रों का कहना है कि छह दिन से चल रहे धरने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा है। शोध को लेकर जारी हुई बुलेटिन में कई विभागों के सीटों की जानकारी सहीं नहीं दी गई हैं, इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति है। शनिवार को उनका धरना जारी रहा। माना जा रहा है कि जल्द ही विश्वविद्यालय इस दिशा में कोई ठोस फैसला ले सकता है।
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छात्रों ने संकाय प्रमुख को सौंपा ज्ञापन, विश्व पंचांग को बेचने का आरोप
बीएचयू के विश्व पंचांग को प्रकाशित करवाने की जिम्मेदारी एक निजी फर्म को दिए जाने के फैसले के विरोधमें छात्र उतर आए हैं।शनिवार को इसके लिए छात्रों ने संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय प्रमुख को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि संकाय के पंचांग अनुभाग से प्रकाशित पंचांग के संचालन की सारी जिम्मेदारी एक फ़र्म को देने का निर्णय सही नहीं है। छात्र नेता अभिषेक सिंह ने कहा कि महामना के जीवन काल में स्थापित बीएचयू का पंचांग देश दुनिया में विश्वसनीय व प्रतिष्ठित है, जिसे आर्थिक समस्या का हवाला देकर न छपने का फैसला गलत हे। छात्र नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि इसे निजी हाथों में सौंपना में बीएचयू से जुड़े हर व्यक्ति के लिए पीड़ादायक है। इसका हर स्तर पर विरोध होगा। इस दौरान उत्कर्ष,सुशील यादव के साथ ही डॉक्टर अवनिंद्र, आलोक, सुशील आदि लोग मौजूद रहे।