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आईआईवीआर में चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के छात्र करेंगे शोध
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वाराणसी। बलिया के चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के छात्र अब बनारस के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में शोध कर सकेंगे। इसके लिए मंगलवार को संस्थान और विश्वविद्यालय के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग (ओएमयू) पर हस्ताक्षर हुआ।
बांदा और चित्रकूट के कृषि विश्वविद्यालयों के बाद आईआईवीआर ने पहली बार ऐसे विश्वविद्यालय से शोध के लिए करार किया है जहां कृषि के साथ अन्य विषयों की पढ़ाई होती है। उम्मीद है कि जल्द ही बीएचयू के साथ भी करार होगा। आईआईवीआर की ओर से संस्थान में बीते 21 दिनों से बथुआ, करेमुआ जैसी अल्पदोहित सब्जियां के प्रसार के लिए प्रशिक्षण चल रहा था। जिसमें 13 राज्यों के कृषि संस्थानों एवं कृषि विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों ने प्रतिभा किया। इसके समापन अवसर पर उक्त एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ।
संस्थान के निदेशक डॉ तुषार कान्ति बेहेरा ने बताया कि कृषि क्षेत्र में शिक्षण और शोध को बढ़ावा देने के लिए अब तक तीन विश्वविद्यालयों के साथ करार हुआ। अनुबंध के तहत अब जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कृषि शोध छात्र संस्थान में आकर शोध कर सकेंगे। जल्द ही इस तरह का एमओयू बीएचयू के साथ किया जाएगा। जिसका लाभ आगामी सत्र के कृषि शोध के छात्रों को मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण के कोर्स डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमार दुबे, जगदीश सिंह डॉ. पीएम सिंह, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. सुधाकर पांडे उपस्थित थे।
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बांदा और चित्रकूट के कृषि विश्वविद्यालयों के बाद आईआईवीआर ने पहली बार ऐसे विश्वविद्यालय से शोध के लिए करार किया है जहां कृषि के साथ अन्य विषयों की पढ़ाई होती है। उम्मीद है कि जल्द ही बीएचयू के साथ भी करार होगा। आईआईवीआर की ओर से संस्थान में बीते 21 दिनों से बथुआ, करेमुआ जैसी अल्पदोहित सब्जियां के प्रसार के लिए प्रशिक्षण चल रहा था। जिसमें 13 राज्यों के कृषि संस्थानों एवं कृषि विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों ने प्रतिभा किया। इसके समापन अवसर पर उक्त एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ।
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संस्थान के निदेशक डॉ तुषार कान्ति बेहेरा ने बताया कि कृषि क्षेत्र में शिक्षण और शोध को बढ़ावा देने के लिए अब तक तीन विश्वविद्यालयों के साथ करार हुआ। अनुबंध के तहत अब जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कृषि शोध छात्र संस्थान में आकर शोध कर सकेंगे। जल्द ही इस तरह का एमओयू बीएचयू के साथ किया जाएगा। जिसका लाभ आगामी सत्र के कृषि शोध के छात्रों को मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण के कोर्स डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमार दुबे, जगदीश सिंह डॉ. पीएम सिंह, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. सुधाकर पांडे उपस्थित थे।
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