Varanasi: आईटीआई में मेरिट से प्रवेश पाने वाले छात्रों को करनी होगी रेग्युलर क्लास, जानें- क्या है नई व्यवस्था
आईटीआई में मेरिट से प्रवेश पाने वाले छात्रों को रेग्युलर क्लास करनी होगी। नई व्यवस्था इसी सत्र से शुरू होगी। ऐसे में 10 दिन तक क्लास न आने पर प्रवेश निरस्त होगा।
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औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ज्यादा से ज्यादा प्रवेश के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया सरल बनाई जा रही है। इस सत्र से मेरिट पर प्रवेश पाने वाले छात्रों को इस बार रेग्युलर क्लास लेनी होगी। अगर 10 दिन तक छात्र क्लास में नहीं आते तो उनका प्रवेश निरस्त कर उनके स्थान पर दूसरे छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दे दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार अभी तक सभी ट्रेड को ए और बी ग्रुप में बांटा जाता था। इसमें इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड शामिल थे। इस सत्र से ये ग्रुप समाप्त होंगे। इस बार छात्रों को यह सुविधा दी जाएगी कि कोई सभी छात्र किसी भी ट्रेड के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे।
आईटीआई में काफी ट्रेड अपग्रेड हो गए हैं इसलिए यह सहूलियत दी जा रही है। ऐसे में अब इंजीनियरिंग व नॉन इंजीनियरिंग की जरूरत नहीं है। साथ ही किसी भी वजह से प्रवेश न लेने वाले और नाम कटाने वाले छात्रों को पोर्टल के माध्यम से अवसर दिया जाएगा। वे खुद इसका कारण बताते हुए अपना नाम वापस ले सकेंगे। हालांकि इसके बाद उनका प्रशिक्षण शुल्क और जमानत राशि वापस नहीं की जाएगी।
जहां इंस्ट्रक्टर नहीं वहां प्रवेश नहीं
इस बार पाठ्यक्रम और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव के तहत छात्रों को उन संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा जहां इंस्ट्रक्टर नहीं होंगे। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से अभी से डेटा मांगा गया है। इससे छात्रों को यह फायदा होगा कि उन्हें बिना प्रशिक्षक के पूरे साल नहीं पढ़ना होगा।
मेरिट के अनुसार साॅफ्टवेयर तय कर देगा ट्रेड
संयुक्त निदेशक ने बताया कि इसके तहत अब इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग ग्रुप समाप्त कर छात्रों को किसी सभी ट्रेड में प्रवेश का मौका मिलेगा। छात्रों को अपने पूरे प्राप्तांक विषयवार आवेदन करते समय दर्ज करने होंगे। इसके बाद मेरिट के अनुसार सॉफ्टवेयर ट्रेड और सीटों का चयन करेगा। इससे सभी छात्रों को अलग-अलग ट्रेड में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
इस सत्र से आईटीआई में प्रवेश के लिए प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए जाएंगे। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। मुख्यालय से जो भी डेटा मांगा जा रहा है, हम उपलब्ध करा रहे हैं। इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग ग्रुप का समापन हो सकता है। विस्तृत दिशानिर्देश आने पर ही स्थिति साफ होगी। -केएम सिंह, संयुक्त निदेशक, आईटीआई वाराणसी