यूपी: झाड़ियों की वजह से नहीं लगी थी छात्रा के चेहरे पर चोट, आईआईटी बीएचयू सामूहिक दुष्कर्म केस में सुनवाई
आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत में लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि छात्रा के चेहरे पर चोट झाड़ियों की वजह से नहीं लगी थी। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जा रही हैं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है।
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आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अभियोजन की तरफ से दलील दी गई कि पीड़िता के चेहरे पर झाड़ियों की वजह से चोट नहीं लगी थी। डॉक्टर के बयान और चोट के संबंध में सारे साक्ष्य उपलब्ध हैं। वारदात की रात आरोपियों की लोकेशन बीएचयू परिसर में मिली थी। गवाहों के बयान भी दर्ज हैं। मामले की सुनवाई लगातार चौथे दिन हुई। अब 12 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
एडीजीसी मनोज गुप्ता ने अदालत को बताया कि आरोपियों के बीएचयू का छात्र होने या वहां किसी काम से जाने के संबंध में कोई प्रमाणित साक्ष्य नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। विवेचना के दौरान पीड़िता ने सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की थी। इसके साक्ष्य पत्रावली में उपलब्ध हैं।
पीड़िता के साथ मौजूद दोस्त के बयान में भी आरोपियों पर अश्लील हरकत करने के आरोप हैं। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी अपने अधिवक्ताओं के साथ अदालत में उपस्थित रहे। पिछली सुनवाई पर अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर समाप्त करते हुए बहस के लिए अगली तिथि निर्धारित की थी।
2 नवंबर 2023 की है घटना
प्रकरण के अनुसार, 2 नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में मोटरसाइकिल सवार तीन आरोपियों ने आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता की शिकायत पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान सुंदरपुर स्थित बृज एनक्लेव कॉलोनी निवासी कुणाल पांडेय, बजरडीहा के जीवधिपुर निवासी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल के नाम सामने आए थे। इसके बाद तीनों को आरोपी बनाया गया। मामले में अदालत में अभियोजन पक्ष की बहस जारी है।