UP: MBBS में दाखिले के नाम पर छात्र से 10.85 लाख की ठगी, पांच के खिलाफ FIR; वाराणसी में इस कंपनी ने लगाया आरोप
Varanasi News: एमबीबीएस में जार्जिया में दाखिले के नाम पर छात्र शिवम के परिजनों से 10.85 लाख की ठगी हुई। पीड़िता प्रेमलता की तहरीर पर आरएम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज व अतिरिक्त रकम मांगकर गुमराह किया। पुलिस जांच में जुटी है।
विस्तार
Varanasi Crime: जार्जिया में एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर छात्र शिवम कुमार के परिजनों से 10.85 लाख की ठगी की गई। पीड़ित की मां प्रेमलता की तहरीर पर शनिवार की दोपहर दो बजे आरएम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक संजय तिवारी, पंकज धामी, श्वेता सूद, विवेक यादव और विष्णु उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पटना के बोरिंग कैनाल रोड आनंदपुरी निवासी पीड़िता प्रेमलता ने पुलिस को बताया कि 3 अप्रैल 2025 को विदेशी एकाउंट में 710000, फिर आरएम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के खाते में 8 अक्तूबर 2025 को 150000 रुपये और 24 जून 2025 को यूपीआई से 10000 रुपये जमा कराए। 17 जून को 15000 रुपये नकद लिए। 30 जून को 1,35,000 रुपये फिर नकद ले लिया। 5 महीने से गुमराह करके बेटे का भविष्य बर्बाद करते रहे। कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराए।
तीन अक्तूबर को विवेक, श्वेता एवं संजय ने ब्रेन वाश करके बेटे शिवम कुमार का पासपोर्ट, कक्षा दसवीं और 12वीं की मार्कशीट, सर्टिफिकेट, आधार कार्ड कूरिअर से दूसरे ऑफिस नोएडा सेक्टर 63 में मंगवा लिया। 25 अक्तूबर को कहा कि जार्जिया जाना है। दबाव बनाकर कहा कि दो लाख और चाहिए। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जांच की जा रही है।
निवेश के नाम पर 37.89 लाख की ठगी, छह पर प्राथमिकी
रोहनिया। केशरीपुर भास्करा तालाब निवासी जितेंद्र शर्मा से निवेश के नाम पर 37 लाख की धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने सतीश भारती, सूरज कुमार, सत्येंद्र गोस्वामी, सतीश कुमार पासवान, रत्नेश कुमार देवधरिया व आलोक कुमार वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पीड़ित जितेंद्र शर्मा के अनुसार, अगस्त 2024 में आरोपी उनके घर आए और खुद को द स्काई एफेक्स और द स्काई ड्रीम होम रियल स्टेट कंपनी से जुड़ा बताया।
कहा कि कंपनी में निवेश करने पर एक साल में रकम दोगुनी होगी। आरोपियों की बातों में आकर पीड़ित ने जमीन बेचकर मिले पैसे के साथ-साथ रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से जुटाई गई कुल 37,89,450 रुपये की रकम आरोपियों को दे दी। प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।