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काशी विद्यापीठ में छात्र और शिक्षक आमने-सामने
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शिक्षक और छात्र सोमवार को आमने-सामने आ गए। सुबह से शाम तक परिसर छात्रों की नारेबाजी से गूंजता रहा। विवाद बढ़ता देखकर कुलपति ने हस्तक्षेप किया और शिक्षकों की मांग पर दो छात्रों को नोटिस जारी कर जांच समिति का गठन कर दिया। इसके बाद शिक्षकों का आक्रोश शांत हुआ। परिसर में दिन भर बातचीत और मान मनौव्वल का दौर चलता रहा।
सोमवार सुबह विश्वविद्यालय का ताला खुलते ही छात्रों और अध्यापकों के बीच का विवाद शुरू हो गया। शिक्षकों ने दो दिन पहले ही छात्रों के दुर्व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी। छात्रों ने शिक्षकों से पहले ही प्रशासनिक भवन के सामने गांधी प्रतिमा के पास धरना स्थल कब्जा कर लिया और सुबह धरने पर बैठ गए। इसे देखते हुए शिक्षकों को समाज कार्य विभाग के सामने दरी बिछानी पड़ी। विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. केएस जायसवाल के साथ कुछ छात्रों द्वारा की गई अभद्रता से आहत अध्यापक धरने पर बैठे थे और उन्होंने अध्यापन कार्य के अतिरिक्त जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने की चेतावनी दी। अध्यापक आरोपी छात्रों पर विधिक कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ छात्रों को जानकारी हुई तो वह आक्रोशित हो उठे और प्रो. केएस जायसवाल के बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने छात्रों को हटा कर प्रशासनिक भवन के सामने धरना स्थल पर बैठा दिया।
सुलह का प्रयास बेकार
चीफ प्राक्टर प्रो. निरंजन सहाय ने पहल कर छात्रों और अध्यापकों के बीच सुलह का प्रयास किया। उन्होंने दोनों पक्षों को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के समक्ष वार्ता के लिए बुलाया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन हाल अध्यापकों और छात्रों से खचाखच भर गया। छात्रों की भीड़ को देख कुलपति ने छात्रों और अध्यापकों के प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय में वार्ता करने का प्रस्ताव भेजा। वार्ता के दौरान कुलपति ने दोनों पक्षाें को आश्वासन दिया।
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दो छात्रों को नोटिस, जांच समिति का गठन
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने जांच समिति का गठन कर दिया है। चीफ प्राक्टर प्रो. निरंजन सहाय ने बताया कि धरनारत छात्रों और अध्यापकों के साथ कुलपति की बैठक हुई और चर्चा के बाद जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। 13 नवंबर को घटना के मामले में 15 नवंबर को दो छात्रों को नोटिस दी दिया गया था। गणेश राय एवं प्रभु पटेल को तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देना है। इसकी समयसीमा भी समाप्त होने वाली है।
बाधित नहीं होनी चाहिए कक्षाएं
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में अध्यापक और छात्रों के धरने को देखते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने सुबह ही आदेश जारी कर दिया था कि धरने के दौरान कक्षाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। छात्र हितों को ध्यान में रख सभी कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें। साथ ही आनंद कुमार त्यागी ने सख्त निर्देश दिया है कि काउंसिलिंग कार्यालय किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होगा।
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सोमवार सुबह विश्वविद्यालय का ताला खुलते ही छात्रों और अध्यापकों के बीच का विवाद शुरू हो गया। शिक्षकों ने दो दिन पहले ही छात्रों के दुर्व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी। छात्रों ने शिक्षकों से पहले ही प्रशासनिक भवन के सामने गांधी प्रतिमा के पास धरना स्थल कब्जा कर लिया और सुबह धरने पर बैठ गए। इसे देखते हुए शिक्षकों को समाज कार्य विभाग के सामने दरी बिछानी पड़ी। विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. केएस जायसवाल के साथ कुछ छात्रों द्वारा की गई अभद्रता से आहत अध्यापक धरने पर बैठे थे और उन्होंने अध्यापन कार्य के अतिरिक्त जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने की चेतावनी दी। अध्यापक आरोपी छात्रों पर विधिक कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ छात्रों को जानकारी हुई तो वह आक्रोशित हो उठे और प्रो. केएस जायसवाल के बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने छात्रों को हटा कर प्रशासनिक भवन के सामने धरना स्थल पर बैठा दिया।
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सुलह का प्रयास बेकार
चीफ प्राक्टर प्रो. निरंजन सहाय ने पहल कर छात्रों और अध्यापकों के बीच सुलह का प्रयास किया। उन्होंने दोनों पक्षों को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के समक्ष वार्ता के लिए बुलाया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन हाल अध्यापकों और छात्रों से खचाखच भर गया। छात्रों की भीड़ को देख कुलपति ने छात्रों और अध्यापकों के प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय में वार्ता करने का प्रस्ताव भेजा। वार्ता के दौरान कुलपति ने दोनों पक्षाें को आश्वासन दिया।
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दो छात्रों को नोटिस, जांच समिति का गठन
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने जांच समिति का गठन कर दिया है। चीफ प्राक्टर प्रो. निरंजन सहाय ने बताया कि धरनारत छात्रों और अध्यापकों के साथ कुलपति की बैठक हुई और चर्चा के बाद जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। 13 नवंबर को घटना के मामले में 15 नवंबर को दो छात्रों को नोटिस दी दिया गया था। गणेश राय एवं प्रभु पटेल को तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देना है। इसकी समयसीमा भी समाप्त होने वाली है।
बाधित नहीं होनी चाहिए कक्षाएं
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में अध्यापक और छात्रों के धरने को देखते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने सुबह ही आदेश जारी कर दिया था कि धरने के दौरान कक्षाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। छात्र हितों को ध्यान में रख सभी कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें। साथ ही आनंद कुमार त्यागी ने सख्त निर्देश दिया है कि काउंसिलिंग कार्यालय किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होगा।