सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां: कोरोना वायरस दूर भगाने के लिए पहुंचे टीका लगवाने, पर सामाजिक दूरी भूल गए
कोरोना टीकाकरण को लेकर वाराणसी के केंद्रों पर भारी अव्यवस्था दिखी। बृहस्पतिवार को राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट, ईएसआई अस्पताल पांडेपुर, महिला अस्पताल कबीर चौरा पर भीड़ उमड़ी रही। सबसे खराब हालात आयुर्वेदिक कालेज की रही। भीड़ इस कदर उमड़ी कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं।
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कोरोना टीकाकरण को लेकर वाराणसी के केंद्रों पर भारी अव्यवस्था दिखी। बृहस्पतिवार को राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट, ईएसआई अस्पताल पांडेपुर, महिला अस्पताल कबीर चौरा पर भीड़ उमड़ी रही। सबसे खराब हालात आयुर्वेदिक कालेज की रही। भीड़ इस कदर उमड़ी कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं।
सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिसकर्मियों का भी ध्यान इस भीड़ की ओर नहीं गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग केंद्रों पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। किसी को असुविधा न हो इसलिए टोकन सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है, पर अव्यवस्था कम नहीं हो पा रही है।
टीकाकरण के लिए पहुंचने वालों में 45 साल से अधिक उम्र वालों की संख्या अधिक रही। जबकि 18 से 44 साल वाले लोग भी मोबाइल पर पंजीकरण कराकर टीका लगाने पहुंचे थे। यही हाल महिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर भी दिखा।
ऑब्जर्वेशन रूम पर ताला
कोविड प्रोटोकॉल के तहत टीका लगवाने के बाद लोगों को नियमानुसार 20 मिनट ऑब्जर्वेशन रूम में रहना है। जिससे अगर कोई समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सके, लेकिन लोग टीका लगवाने के बाद निकलते गए। महिला अस्पताल चौकाघाट के ऑब्जर्वेशन रूम बंद रहा। कोई केंद्र के बाहर घूमता रहा, कोई टीका लगवाने के बाद गाड़ी में बैठकर घर चला गया। राजकीय आयुर्वेद कालेज में भी कहीं ऑब्जर्वेशन रूम नहीं दिखा। यहां भी लोग टीका लगवाकर निकलते गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मिसिरपुर पर भी 280 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि ऑब्जर्वेशन रूम को बंद कर दिया गया है, क्योंकि अब टीका लगने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई भी समस्या नहीं हो रही है।