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घाट के निर्माण का काम रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 11 May 2016 02:23 AM IST
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मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते वरुणा तट के बाशिंदे।
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वरुणा कॉरिडोर के तहत गोफाबीर मंदिर पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास मंगलवार को तटवासियाें ने घाट निर्माण का काम रुकवा दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों और तटवासियों में कहासुनी हुई। अंत में तय हुआ कि बुधवार को राजस्व की टीम आएगी और मौके पर पैमाइश कर बताएगी कि कहां सरकारी जमीन है और कहां तटवासियों की जमीन है। डूब क्षेत्र के लिए वीडीए ने कई जगहों पर बोर्ड लगाकर नदी क्षेत्र के बारे में सूचना प्रदर्शित की है।
विरोध करने वाले तटवासियों ने कहा कि सीमांकन के दौरान उन जमीनों की भी पैमाइश की जा रही है, जिसे उन्होंने रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। वीडीए की ओर से हो रही मनमानी से तटवासियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि बगैर हम लोगों की इजाजत से गोफाबीर मंदिर के पास जमीन पर घाट का निर्माण कराने लगे। कहा, जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है उनका अवैध निर्माण तोड़ा जाए। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि तटवासियों से बातचीत हो गई है। पैमाइश कराके सरकारी जमीन पर ही काम कराया जाएगा।
वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से मंगलवार को कमिश्नरी कंपाउंड में प्रदर्शन किया। कुछ देर बाद कमिश्नर से मुलाकात कर तटवासियों ने ज्ञापन सौंपा। तटवासियों ने पैमाइश के बाद अगले चरण की कार्रवाई के बारे में पूछा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल शासन से सर्वे का निर्देश आया था। वही कराया जा रहा है। आगे यदि कोई निर्देश आएगा तो उसके बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन और मुलाकात करने वालों में सरफराज खान, बाबू भाई, डा. मासूम रजा, मोहम्मद अमान, रत्ना चौरसिया, अनिल श्रीवास्तव, पूनम, मनीष, सागर, उपेंद्र, सरिता आदि शामिल रहे।
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वरुणा कॉरिडोर का काम देखने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन के आगमन की सूचना थी लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं आ सके। उनके नहीं आने के बावजूद सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को देखने कोई अन्य अधिकारी भी वहां नहीं गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो इसी सप्ताह में मुख्य सचिव आएंगे।
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विरोध करने वाले तटवासियों ने कहा कि सीमांकन के दौरान उन जमीनों की भी पैमाइश की जा रही है, जिसे उन्होंने रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। वीडीए की ओर से हो रही मनमानी से तटवासियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि बगैर हम लोगों की इजाजत से गोफाबीर मंदिर के पास जमीन पर घाट का निर्माण कराने लगे। कहा, जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है उनका अवैध निर्माण तोड़ा जाए। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि तटवासियों से बातचीत हो गई है। पैमाइश कराके सरकारी जमीन पर ही काम कराया जाएगा।
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वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से मंगलवार को कमिश्नरी कंपाउंड में प्रदर्शन किया। कुछ देर बाद कमिश्नर से मुलाकात कर तटवासियों ने ज्ञापन सौंपा। तटवासियों ने पैमाइश के बाद अगले चरण की कार्रवाई के बारे में पूछा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल शासन से सर्वे का निर्देश आया था। वही कराया जा रहा है। आगे यदि कोई निर्देश आएगा तो उसके बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन और मुलाकात करने वालों में सरफराज खान, बाबू भाई, डा. मासूम रजा, मोहम्मद अमान, रत्ना चौरसिया, अनिल श्रीवास्तव, पूनम, मनीष, सागर, उपेंद्र, सरिता आदि शामिल रहे।
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वरुणा कॉरिडोर का काम देखने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन के आगमन की सूचना थी लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं आ सके। उनके नहीं आने के बावजूद सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को देखने कोई अन्य अधिकारी भी वहां नहीं गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो इसी सप्ताह में मुख्य सचिव आएंगे।