फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Stomach cancer surgery and chemotherapy will be performed simultaneously at BHU Hospital in Varanasi

सहूलियत: बीएचयू अस्पताल में एक साथ होगी पेट के कैंसर की सर्जरी और कीमोथेरेपी, विशेषज्ञों ने की चर्चा

Wed, 25 Mar 2026 04:56 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 25 Mar 2026 04:56 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों और बिहार तक के मरीज आते हैं। ऐसे में कैंसर के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब यहां एक साथ पेट के कैंसर की सर्जरी और कीमोथेरेपी होगी। 

विज्ञापन
Stomach cancer surgery and chemotherapy will be performed simultaneously at BHU Hospital in Varanasi
BHU Hospital - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल में कैंसर ग्रसित मरीजों की सर्जरी अब पहले की तुलना में और आसान हो जाएगी। हाइपेक(हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) विधि से पेट में होने वाले कैंसर से ग्रसित मरीजों की सर्जरी के तुरंत बाद पेट में ही कीमोथेरेपी भी दी जा सकेगी। अब इसके लिए मरीजों को कही और नहीं जाना पड़ेगा। ऑपरेशन थिएटर में ही उनकी कीमोथेरेपी हो जाएगी। मंगलवार को सीएमई में इस विधि से सर्जरी पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। साथ ही सर्जरी का सजीव प्रसारण भी प्रतिभागियों को दिखाया गया।

विज्ञापन


बीएचयू में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से चलने वाली ओटी में औसतन हर सप्ताह 20 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी होती है। इसमें मुंह के कैसर,पेट के कैंसर, बच्चेदानी के कैंसर सहित अन्य कैंसर वाले मरीज शामिल होते हैं। जहां तक हाइपेक विधि की बात है तो आईएमएस बीएचयू में पिछले दिनों हाइपेक मशीन आई थी। अब हाइपेक विधि से सर्जरी शुरू हो गई है। अब तक करीब छह मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। इसमें सर्जरी के दौरान ही कीमोथेरेपी की दवाओं को सीधे पेट के अंदर पेरिटोनियम में डाला जाता है। 
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; UP News: कहासुनी के दौरान आग-बबूला हुआ था पति, लोहे की रॉड से वार कर की पत्नी की हत्या
विज्ञापन
विज्ञापन


आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि डॉ. मल्लिका तिवारी के निर्देशन में चली सीएमई में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के साथ-साथ जनरल सर्जरी आदि विभाग के चिकित्सक भी शामिल रहे। 

बताया कि सर्जरी और कीमोथेरेपी साथ-साथ देने से मरीजों को राहत होगी और कैंसर निवारण में अच्छा कदम होगा। यह शैक्षणिक कार्यक्रम सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, स्त्री रोग ऑन्कोलॉजिस्ट, जनरल सर्जन, सर्जिकल रेजिडेंट और पेरिटोनियल सतह के कैंसर और इाईपेक में विशेष रुचि रखने वाले चिकित्सकों के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed