वाराणसी में इनामी बदमाश अपने चार गुर्गों के साथ एसटीएफ के हत्थे चढ़ा, हत्या और लूट की थी तैयारी
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हत्या और लूट के आरोपी अंतरजनपदीय गिरोह के इनामी बदमाश और उसके चार गुर्गों को एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने शुक्रवार को पिंडरा क्षेत्र के कैथवली मोड़ के समीप से गिरफ्तार किया। आरोपियों की शिनाख्त 25 हजार के इनामी बदमाश जौनपुर के केराकत थाना के बम्भावन, थानागद्दी निवासी सुभाष यादव उर्फ धीरज उर्फ नेता, अतरौरा के सुरेश यादव, चंदवक थाना के उमरवार के सूरज यादव और जंसा थाना के लक्षीपुर गोगवा के वीरेंद्र कुमार पाल व शिवपूजन पटेल के तौर पर हुई है। बदमाशों के पास से प्रतिबंधित नाइन एमएम पिस्टल, एक तमंचा, छह कारतूस, एक कार, दो बाइक, पांच फर्जी परिचय पत्र, छह मोबाइल और 1500 रुपये बरामद हुए।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सूचना संकलन के दौरान पता लगा कि इनामी बदमाश सुभाष यादव किसी घटना को अंजाम देने के लिए पिंडरा की तरफ आने वाला है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने घेरेबंदी कर पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बदमाश चकमा देकर भाग निकले। सुभाष जौनपुर के चंदवक थाने और आजमगढ़ के देवगांव थाने में दर्ज लूट के दो अलग-अलग मुकदमे में वांछित था। मौके से भागे उसके साथी जौनपुर के बेहड़ा गांव निवासी आदर्श सिंह और उसके दोस्त गोरखपाल की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार पांचों बदमाशों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई के लिए उन्हें फूलपुर थाने की पुलिस को सौंपा गया है। आगे पढ़ें जरायम जगत का इतिहास...
बेहड़ा में हत्या और आजमगढ़ में लूट की थी तैयारी
सुभाष ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2012 में अपने गांव के ही रहने वाले हरि यादव के कहने पर उसने जौनपुर के केराकत थाना के छितौनी के रहने वाले अच्छे लाल मौर्या की हत्या की थी। वर्ष 2016 में मुखबिरी करने के शक में उदय विश्वकर्मा और राजू सेठ को चंदवक क्षेत्र के गोबरा गांव में हत्या कर दी थी। इसके बाद केराकत थाना के गोलाबाजार में सर्राफ से लूट की थी। इन दोनों मामलों में गिरफ्तार होकर वह फिर जेल चला गया। इसी दौरान बेहड़ा के रहने वाले आदर्श सिंह से उसकी दोस्ती हुई।
आदर्श की गैंग में कई बदमाश थे, जिनके साथ हवाला कारोबार करने वाले और समूह बनाकर पैसे का लेनदेन करने वालों के साथ लूट की। इसके बाद अपने गांव के समीप उसने लूट की एक घटना की, जिसमें गिरफ्तार होकर वर्ष 2018 में जेल गया। जेल में ही उसने और आदर्श सिंह ने बेहड़ा गांव के संजय सिंह की हत्या की योजना बनाई थी। आदर्श आपसी रंजिश के कारण संजय की हत्या कराना चाहता था। पहचान छुपाने के लिए हम सभी फर्जी परिचय पत्र भी बनवा लिए थे। सुभाष ने बताया कि हत्या की इस योजना में आदर्श सिंह व गोरखपाल और उसके साथी सुरेश यादव, सूरज यादव व वीरेंद्र कुमार पाल शामिल थे। सभी को साथ लेकर हम संजय की रेकी करने निकले थे। इसके बाद आजमगढ़ के बूढ़नपुर के समीप कोयलसा बाजार में एक सर्राफ को लूटने की योजना थी।