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Varanasi News: फसलों को पशुओं से बचाने के लिए रात में जाग रहे

Mon, 05 Jan 2026 12:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:59 AM IST
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Staying awake at night to protect crops from animals
छुट्टा पशु किसानों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। इन पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसान सर्द रातों में रतजगा कर रहे हैं। किसी ने खेत में मचान बना रखा है तो किसी ने झोपड़ी बना ली है और कोई खेतों में अलाव जलाकर हाथों में टार्च लिए फसलों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार मौन साधे अपने घरों में रजाई में सो रहे हैं।
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छुट्टा पशुओं से देश का किसान परेशान है। पूस की ठंडी रातों में जब लोग अपने घरों में रजाई ताने सो रहे हैं तब किसानों को कड़ाके की ठंड और घनघोर अंधेरी रात में खून-पसीने की कमाई को छुट्टा पशुओं से बचाने को खेत में पहरा देना पड़ रहा है।
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शीत लहर के प्रकोप के बीच कड़ाके की सर्दी में रातभर जागकर किसान फसलों की रखवाली करने को मजबूर है। हाथ में लाठी व टार्च लेकर खेत पर डेरा जमाए इन किसानों की रात दर्दभरी है। इन दिनों रात के समय न्यूनतम तापमान आठ से नौ डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जा रहा है। अलाव जलाकर सर्द रातें कट रही हैं। किसान रात में फसलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। वे झुंड में घुसे छुट्टा पशुओं को खेत से निकालते हैं लेकिन थोड़ी देर बाद फिर लौट आते हैं। समझ में नहीं आता कि क्या करें।
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जिम्मेदार भी कोई इंतजाम नहीं करते इन छुट्टा पशुओं का। ये पीड़ा जिले के किसानों की है। शनिवार की की रात संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गांव में पहुंचकर हकीकत को परखा। यहां गांव-गांव किसान कड़ाके की ठंड में फसलों की रखवाली करते मिले।
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