वाराणसी : रेल राज्यमंत्री ने विद्युत रेल इंजन का किया लोकार्पण, ड्राइवर सीट पर बैठकर ली जानकारी
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रेल राज्य मंत्री सुरेश सी अंगडी ने गुरुवार को डीजल रेल इंजन कारखाना में पुष्पों से सुसज्जित 275वें विद्युत रेल इंजन डब्ल्यूएपी-7 का लोकार्पण किया। इसके पूर्व उन्होंने महाप्रबंधक रश्मि गोयल और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ रेल इंजन के ड्राइवर कैब का निरीक्षण किया। साथ ही रेल इंजन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकियों के बारे में जानकारी ली।
रेल राज्यमंत्री ने कहा कि डीरेका ने ग्राहकों की परिवर्तनशील मांगों के अनुरूप अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया है। डीरेका के विकास व कामगारों के तकनीकी कौशल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीरेका की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और निर्माणाधीन रेल इंजनों के विकास व निर्माण की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
महाप्रबंधक ने रेल इंजन उत्पादन व गतिविधियों के साथ ही भविष्य की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किया। इसके पूर्व रेल राज्यमंत्री ने कार्यशाला में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। 6000 अश्व शक्तिडब्ल्यूएपी-7 विद्युत रेल इंजन संख्या- 37248 को पश्चिम मध्य रेलवे के तुगलकाबाद जंक्शन विद्युत शेड को भेजा जा रहा है। इस अवसर पर डीजीएम नितिन मेहरोत्रा, एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी, जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार मौजूद रहे।
अगले महीने हो सकता है कनवर्जन लोको का लोकार्पण
डीरेका में तैयार हो रहा डुअल मोड रेल इंजन अगले महीने, अक्तूबर तक तैयार हो सकता है। इसके निर्माण में तेजी आई है। रेल राज्यमंत्री इसका लोकार्पण कर सकते हैं। भ्रमण के बाद रेल राज्यमंत्री ने बताया कि अगले महीने वे फिर आ सकते हैं। डुअल मोड बिजली और डीजल दोनों ही मोड में चलने में सक्षम होगा।
जब जाम में फंसे रेल राज्यमंत्री
जाम की समस्या से आए दिन शहर का कोई न कोई इलाका कराहता नजर आता है। मंडुवाडीह चौराहे पर गुरुवार को जाम लगा था। जाम में रेल राज्यमंत्री का काफिला फंस गया। 10 मिनट तक जाम से जूझने के बाद काफिले को रांग साइड से निकाला गया।
रेल की डीरेका सहित अन्य उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण के मुद्दे पर रेल राज्य मंत्री सुरेश सी अंगडी ने ऐसे किसी प्रयास से इनकार किया। रेल राज्यमंत्री ने कहा कि डीरेका के निगमीकरण की कोई योजना नहीं बस हम काम में कार्पोरेट कल्चर लाना चाहते हैं जिससे कि देश का विकास हो सके।
डीरेका के वर्कशाप का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि रेलवे के विकास के लिए 100 दिन का ऐक्शन प्लान बनाकर काम किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की 130 करोड़ जनता के हित में काम करना चाहते हैं। ऐसे में कुछ तत्वों द्वारा छवि खराब करने के लिए तरह तरह की अफवाह फैलाने व विरोध का प्रयास किया जा रहा है।
रेल राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एनएचएआई और एयरपोर्ट की तर्ज पर रेल में भी निजी कंपनियां ट्रैक खाली होने पर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगी। उन्होंने डीरेका की तारीफ की और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए इसके विकास पर जोर दिया। साथ ही विकास के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की। वहीं डीजल से ज्यादा इलेक्ट्रिक इंजन उत्पादन करने वाले डीरेका के नाम बदलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि डीरेका एक ब्रांड है और इसे डीरेका के नाम से ही जाना जाएगा। उन्होंने यात्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया और इसके लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया।